देश संविधान से चलेगा शरीयत से नहीं: डाॅ संजय निषाद

देश संविधान से चलेगा शरीयत से नहीं: डाॅ संजय निषाद

देश संविधान से चलेगा शरीयत से नहीं: डाॅ संजय निषाद

प्रयागराज, 28 सितंबर पूजा एवं प्रार्थना करने का सभी को समान अधिकार है। यदि अशांति फैलाने की कोशिश की गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को संविधान में दी गई धाराओं के मुताबिक विधिक कार्रवाई की जाएगी। देश संविधान से चलेगा, शरीयत से नही। यह बात रविवार को प्रयागराज सर्किट हाउस में मीडिया से वार्ता करते हुए प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डाॅ संजय निषाद ने कही।

उन्होंने कहा कि देश में जब से केन्द्र में मोदी और प्रदेश में योगी सरकार आयी है, उसके बाद से लगातार मछुआरा, निषाद समाज के लोगों की सामाजिक स्थित सुधारने के लिए प्रयास कर रही है। देश के प्रधानमंत्री लगातार प्रयागराज के राजा निषाद राज गुहा का नाम लेते रहते हैं। उन्हाेंने भगवान श्रीराम का अयोध्या में मंदिर बनने के बाद से उनके बाल सखा निषाद राज गुहा के किला स्थल एवं निषादराज से मिलने वाले ऐतिहासिक स्थल पर कई परियोजनाएं दी हैं।

डाॅ संजय निषाद ने कहा कि प्रत्येक वर्ष निषादराज की जयंती कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। लगातार श्रृंगवेरपुर धाम का विकास जारी है। हालांकि निषादराज किले के पास स्थित मस्जिद को हटाने के लिए मैंने कई बार प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहे चुका हूं। उन्होंने उसे हटवाने का आश्वसन दिया है। मेरा कहना है कि वहां मौजूद मस्जिद को संवैधानिक ढंग से हटवाया जाए। वहां रह रहे लोगों को कहीं अन्यत्र विस्थापित किया जाए। यदि उसके नाम सरकारी दस्तावेजों में है तो उसे कहीं दूसरे स्थान पर जमीन भी उपलब्ध कराया जाए। इस पर कार्रवाई अब तेजी से की जाए।



उन्हाेंने कहा कि केन्द्र सरकार ने निषाद, मछुआरों के लिए रोजगार मुहैया कराने के लिए 135 योजनाएं शुरू की हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से मछुआरा समाज को आत्मनिर्भर बनाने में अति उपयोगी साबित होंगी। इस मत्स्य विभाग के लिए आजादी के बाद से वर्ष 2017 से पूर्व कुल 3 हजार 69 करोड़ खर्च किया गया था। लेकिन वर्ष 2017 के बाद से अब तक केन्द्र सरकार ने 41 हजार करोड़ खर्च कर चुकी है। मत्स्य कारोबार में उत्तर प्रदेश अब नंबर एक पर दो बार से आ रहा है। इसके साथ ही मत्स्य विभाग ने धार्मिक क्षेत्र में आने वाली पवित्र नदियों का ठेका से मुक्त कर दिया गया है। इससे नदियों के किनारे रहने वाले मछुआरा समाज के लोग रोजगार से जुड़ा हुआ है। तालाबों एवं पोखरों में हो रहे मत्स्य पालन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। निषाद परिवार के बच्चों को पढ़ने के लिए सरकार अब डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की योजना तैयार की है। यह धन राजस्व से प्राप्त होने वाले पैसे का उपयोग डिजिटल लाइब्रेरी बनाने में किया जाएगा।

डाॅ निषाद ने कहा कि मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड भी सरकार तैयार करा रही है। तालाबों का ठेका सरकार द्वारा बनाई जा रही मत्स्य पालन सहकारी समितियों को ही देने का नियम बना दिया गया है। जिसमें निषाद, मछुआरा एवं विधवा और महिलाओं को ही पट्टा देने का प्राविधान किया गया है। अब पहले वाली व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त की जाएगी। पहले कुछ लोगों का कब्जा बना हुआ था, उसे निरस्त कर दिया जाएगा। इसका लाभ प्रत्येक ग्राम पंचायत, गांव को ही दिया जाएगा। उससे जो राजस्व आएगा, उससे गरीब बच्चों को पढ़ने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएगी।



योगी सरकार मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत कई परियोजनाओं को ला रही है। जिससे मछुआ समाज का तेजी से विकास होगा और उससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। जलीय खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मछुआरा समाज के युवाओं को प्रशिक्षण देकर तकनीकी से लैश किया जाएगा।