महादेवा महोत्सव में ‘वैदेही के राम’ की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
महादेवा महोत्सव में ‘वैदेही के राम’ की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
बाराबंकी, 22 नवंबर । जिले में महादेवा महोत्सव के छठे दिवस पर शनिवार की शाम कारवाँ फाउंडेशन ट्रस्ट ने प्रस्तुत लोकनृत्य कार्यक्रम ‘वैदेही के राम’ ने दर्शकों का मन मोह लिया। संस्थापक एवं अध्यक्ष सूरज श्रीवास्तव के निर्देशन में संस्था के कलाकारों ने अवध की लोकसंस्कृति और रामायण की भावधारा को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया।
पांच वर्षों से लोककला के उत्थान में सक्रिय कारवाँ फाउंडेशन की टीम ने महोत्सव के प्रतिष्ठित मंच पर अपनी उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन किया। लोकभक्ति गीतों पर सजी राम–सीता की सांस्कृतिक झांकी कार्यक्रम की शुरुआत अवध के राम भजनों से हुई, जिसके बाद एक से बढ़कर एक लोकगीतों पर नृत्य प्रस्तुतियां दी।
राजा जनक जी के बाग में अलबेला दूल्हा आयो रे”, “सीता बहिनिया हमार हो”, “आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया” और “घर लौटे रमैया” जैसे गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। प्रस्तुति में प्रज्ञा पाठक, श्वेता शुक्ला, मुस्कान गुप्ता, अंशिका तिवारी (सीता जी), एवं अनंत शर्मा (श्रीराम) ने प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं। कार्यक्रम के समापन पर महादेवा महोत्सव समिति एवं जिला प्रशासन ने कलाकारों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।