हाईकोर्ट ने डीसीपी आगरा व प्रमुख सचिव गृह से मांगा जवाब

हाईकोर्ट ने डीसीपी आगरा व प्रमुख सचिव गृह से मांगा जवाब

प्रयागराज, 15 अप्रैल । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट से तय विधि मामले में पुलिस विभाग द्वारा विपरीत आदेश पारित करना न केवल ऐसा आदेश अवैध है अपितु यह अवमाननाकारी भी है।

कोर्ट ने डीसीपी (पुलिस उपायुक्त) पुलिस मुख्यालय आगरा व प्रमुख सचिव गृह लखनऊ से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। पूछा है कि किन परिस्थितियों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत आदेश पुलिस विभाग से लगातार पारित किए जा रहे हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने हरगोविंद सिंह यादव की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

याची का कहना था कि पुलिस विभाग ने वर्ष 2008 मे याची के गलत वेतन निर्धारण किये जाने के आधार पर पेंशन में कटौती की है जो 16 जनवरी 2007 के शासनादेश व सुशील कुमार सिंघल केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का खुला उल्लंघन है। जिसमें कहा गया है कि रिटायर होने के 13 साल पहले किए गये गलत वेतन निर्धारण के आधार पर सेवानिवृत्ति में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने कहा अक्सर ऐसे आदेश के खिलाफ याचिकाएं आ रही हैं। ऐसे आदेश सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। याचिका की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी।