शिक्षक हमारे चरित्र एवं व्यक्तित्व को निखारते हैं : संजय श्रीवास्तव
शिक्षक हमारे चरित्र एवं व्यक्तित्व को निखारते हैं : संजय श्रीवास्तव
प्रयागराज, 05 सितम्बर । शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय अमूल्य निधि अवार्ड से सम्मानित महेंद्र प्रताप सिंह पब्लिक स्कूल के उप प्रधानाचार्य संजय श्रीवास्तव ने हिन्दुस्थान समाचार प्रतिनिधि से एक साक्षात्कार वार्ता में कहा कि शिक्षक की भूमिका प्राचीन काल से ही अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्योंकि शिक्षक ही हमारे चरित्र एवं व्यक्तित्व को निखारते हैं।
उन्होंने कहा कि, इतिहास गवाह है जब शिक्षकों ने समय-समय पर समाज में क्रांतिकारी परिवर्तन कर एक नई दिशा दी है। शिक्षक हमारे समाज के निर्माता हैं जो न केवल ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि हमारे चरित्र एवं व्यक्तित्व को भी आकार देते हैं। वे हमें जीवन के मूल्यों एवं सिद्धांतों को सिखाते हैं और हमें एक बेहतर भविष्य के लिये ले जाते हैं। उन्होंने अपनी संस्था एवं विद्यार्थियों के प्रति समर्पित शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक ऐसे समाज की कल्पना की जो छल, कपट, ईर्ष्या, द्वेष, षड्यंत्र एवं नफरत विहीन हो। केवल देश और समाज की प्रगति के प्रयासों की ओर बढ़ने की सकारात्मक सोच हो।
ज्ञातव्य है कि, संजय श्रीवास्तव इसके पूर्व टैगोर पब्लिक स्कूल में रसायन शास्त्र प्रवक्ता के रूप में विगत 26 वर्षों तक अपनी सेवा देने के दौरान विभिन्न राज्य सरकारों, केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान एवं विभिन्न शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक संस्थानों से विद्यार्थियों में विज्ञान विषय को लोकप्रिय एवं उसमें रूचि उत्पन्न करने के लिये अनेकों बार सम्मानित एवं अवार्ड से विभूषित किया जा चुका है। जिनमें से एशिया पेसिफिक अवार्ड, डॉ.एस. राधाकृष्णन शिक्षा अवार्ड, बेस्ट साइंस टीचर अवार्ड, राष्ट्रीय अमूल्य निधि अवार्ड, प्रयाग गौरव अवार्ड एवं पर्यावरण संरक्षण शिक्षा अवार्ड आदि प्रमुख हैं।
उल्लेखनीय है कि, संजय श्रीवास्तव की पर्यावरण के प्रति गम्भीरता एवं सजगता इस बात से पता चलती है कि प्रत्येक वर्ष अपने विद्यार्थियों से अपने जीवन काल में कम से कम एक पौधा लगाकर उसको पोषित एवं पल्लवित करने के लिये प्रेरित करते हैं। पर्यावरण पर आधारित उनकी दो पुस्तकें ग्रीन कुम्भ, क्लीन कुम्भ एवं पर्यावरण प्रदूषण के ख़तरे ग्लोबल ग्रीन प्रकाशन से प्रकाशित हो चुकी है और तीसरी पुस्तक ’पानी रे पानी तेरा रंग कैसा’ शीघ्र प्रकाशित होने वाली है। उनके निर्देशन एवं मार्गदर्शन में लगभग 1500 बाल वैज्ञानिकों ने अपने शोध पत्र एवं वर्किंग व नॉन वर्किंग मॉडल से प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर इतिहास रच कर जनपद का गौरव बढ़ाया है।
’शिक्षक दिवस के अवसर पर महेंद्र प्रताप सिंह पब्लिक स्कूल की निदेशिका गोल्डी सिंह, प्रबंधक हेमंत यादव और. प्रधानाचार्या रागिनी सिंह ने संजय श्रीवास्तव को सम्मानित करते हुये हार्दिक बधाई दी है।