खरीफ बुवाई के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध: सूर्य प्रताप शाही
खरीफ बुवाई के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध: सूर्य प्रताप शाही
उर्वरक की किसी भी प्रकार की टैगिंग पर की जाएगी कठोर कार्रवाई14.59 लाख मीट्रिक टन यूरिया का भंडार उपलब्ध
लखनऊ, 09 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि किसानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समुचित प्रबंध किए गए हैं, जिसके अंतर्गत आज प्रदेश में सहकारिता व निजी क्षेत्र के बिक्री केन्द्रों पर 14.59 लाख मीट्रिक टन यूरिया एवं 5.63 लाख मीट्रिक टन फास्फेटिक (डीएपी, एनपीके) उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 08 जुलाई 2025 को ही कुल 32,700 मीट्रिक टन यूरिया तथा 6,566 मीट्रिक टन डीएपी और 3,559 मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों द्वारा खरीदे गए।
श्री शाही ने बताया कि मण्डलवार आंकड़ों के अनुसार सर्वाधिक यूरिया लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और बरेली मण्डलों में उपलब्ध है। सहकारिता क्षेत्र के रिटेल प्वाइंट पर 1.13 लाख मीट्रिक टन यूरिया तथा जनपदों के बफर गोदामों में 1.89 लाख मीट्रिक टन यूरिया स्टॉक किया गया है। डीएपी व एनपीके की भी समान रूप से उपलब्धता सुनिश्चित है। किसानों को किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग कर जबरन उर्वरक बेचने की शिकायत मिलती है तो संबंधित दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस हेतु मुख्यालय स्तर पर कंट्रोल रूम (0522-2209650) तथा जनपदों में जिलाधिकारी कार्यालयों में भी किसान शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष खरीफ, 2025 में 106.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों की बुवाई/रोपाई का लक्ष्य है, जिसमें अब तक धान – 48, मक्का – 51, दलहन – 41, तिलहन – 40 और श्रीअन्न – 29 प्रतिशत की पूर्ति हो चुकी है।
श्री शाही ने बताया कि प्रदेश सरकार भारत सरकार से निरंतर समन्वय कर रही है ताकि हर दिन की औसत खपत के अनुरूप उर्वरक की उपलब्धता बनी रहे। सीमावर्ती जनपदों में विशेष सतर्कता के साथ ओवररेटिंग, कालाबाजारी, और टीजीयू गतिविधियों की निगरानी हो रही है तथा दोषियों पर एफआईआर कर कठोर कार्रवाई की जा रही है।
कृषि मंत्री ने सभी जिला कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे सहकारिता विभाग से समन्वय कर जरूरतमंद किसानों तक उर्वरकों की पहुंच सुनिश्चित करें और फील्ड में जाकर किसानों से संवाद करें। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे उर्वरकों का क्रय केवल वर्तमान जरूरत के अनुसार करें और आगामी फसलों जैसे आलू, सरसों आदि के लिए अभी भंडारण न करें। सरकार किसानों की हर जरूरत के लिए प्रतिबद्ध है और कोई भी किसान उर्वरकों की कमी से वंचित नहीं रहेगा।