स्कूल में छात्र की चाकू गोदकर निर्मम हत्या, शिक्षक और पड़ोसियों पर साजिश का आरोप

स्कूल में छात्र की चाकू गोदकर निर्मम हत्या, शिक्षक और पड़ोसियों पर साजिश का आरोप

स्कूल में छात्र की चाकू गोदकर निर्मम हत्या, शिक्षक और पड़ोसियों पर साजिश का आरोप

प्रयागराज: बुधवार का दिन करछना थाना क्षेत्र के कुलमई लाला का पुरा गाँव में स्थित इंदिरा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज के लिए एक सामान्य दिन की तरह शुरू हुआ था, लेकिन लंच ब्रेक के दौरान यह सामान्य दिन एक भयानक त्रासदी में बदल गया। स्कूल के अहाते में, जहाँ छात्र खेल-कूद और हंसी-मजाक में व्यस्त थे, वहीं 12वीं कक्षा के एक छात्र अवनीश पांडेय की उसके ही दो सहपाठियों ने निर्ममता से चाकू गोदकर हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे स्कूल, इलाके और शहर को स्तब्ध कर दिया है।

घटना का विस्तृत विवरण

कॉलेज में दोपहर के समय जब लंच ब्रेक हुआ, तो सभी छात्र अपने-अपने कामों में लग गए। इसी दौरान, 12वीं कक्षा के छात्र अवनीश पांडेय (17) को उसके दो सहपाठी, अभय पाठक और आशुतोष सोनी, किसी बहाने से बात करने के लिए बुलाकर स्कूल की छत पर ले गए। अवनीश को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उसके सहपाठी किसी जानलेवा इरादे से उसे एकांत में ले जा रहे हैं। छत पर पहुँचते ही, दोनों ने अवनीश पर एकाएक चाकुओं से हमला कर दिया। एक के बाद एक ताबड़तोड़ वार किए गए, जिसमें एक चाकू अवनीश के सीने के पास और दूसरा उसकी गर्दन पर जा लगा।

हमले के बाद अवनीश खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ा और तड़पने लगा। उसे मरणासन्न अवस्था में छोड़कर, दोनों आरोपी छात्र स्कूल के पीछे की दीवार फांदकर धान के खेतों में कूद गए और मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद जब अन्य छात्रों और शिक्षकों ने अवनीश को खून से लथपथ हालत में देखा, तो कॉलेज में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।

तत्काल कॉलेज प्रशासन ने उसे पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। उसकी हालत की गंभीरता को देखते हुए, डॉक्टरों ने उसे प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिवार और स्कूल के लोग जब तक उसे लेकर एसआरएन अस्पताल पहुँचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद अवनीश को मृत घोषित कर दिया।

पीड़ित परिवार और हत्या के पीछे की साजिश

मृतक छात्र अवनीश पांडेय, कौंधियारा थाना क्षेत्र के गढ़वा कला गाँव का निवासी था। उसके पिता अमित कुमार पांडे एक साधारण किसान हैं। अवनीश दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था और परिवार की उम्मीदों का केंद्र था। उसका छोटा भाई दिग्विजय पांडे भी उसी स्कूल में पढ़ता है और घटना के समय स्कूल में ही मौजूद था।

पिता अमित कुमार पांडे ने रोते हुए बताया कि लगभग 11 बजे उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनके बेटे पर चाकू से हमला हुआ है। जब वे भागे-भागे अस्पताल पहुँचे, तो उन्हें अपने बेटे की मौत की हृदयविदारक खबर मिली। उन्होंने इस हत्या के पीछे एक गहरी साजिश का आरोप लगाया है, जिसकी जड़ें एक पुराने जमीनी विवाद से जुड़ी हैं।

जमीनी विवाद और शिक्षक से कहासुनी

अमित पांडे के अनुसार, उनके परिवार का गाँव के ही कुछ पड़ोसियों, रामेश्वर तिवारी और विजय कुमार पांडेय से जमीन को लेकर पुराना विवाद और रंजिश चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल में पढ़ाने वाला एक शिक्षक पप्पू मिश्रा, उन्हीं विपक्षी पड़ोसियों का रिश्तेदार है। इसी रंजिश के चलते শিক্ষক पप्पू मिश्रा अक्सर अवनीश को किसी न किसी बहाने से प्रताड़ित करता और पीटता था।

इस रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर, अवनीश ने लगभग चार दिन पहले गुस्से में शिक्षक पप्पू मिश्रा पर हाथ उठा दिया था और उन्हें थप्पड़ जड़ दिए थे। पिता का मानना है कि इसी घटना के बाद शिक्षक और पड़ोसियों ने मिलकर उनके बेटे को रास्ते से हटाने की साजिश रची और इसे अंजाम देने के लिए अवनीश के सहपाठियों का इस्तेमाल किया।

पुलिस की कार्रवाई

पीड़ित पिता अमित कुमार पांडे की तहरीर पर करछना थाने में छह लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें मुख्य आरोपी छात्र अभय कुमार पाठक और आशुतोष सोनी, साजिश रचने के आरोप में शिक्षक पप्पू मिश्रा, और पड़ोसी विजय कुमार पांडेय, रामेश्वर प्रसाद तिवारी और हिम्पू पांडेय को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इस घटना ने शिक्षा के मंदिर में छात्रों की सुरक्षा और समाज में बढ़ती हिंसा की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।