मथुरा में सनसनीखेज साइबर ठगी: जिलाधिकारी का फेसबुक अकाउंट हैक कर मांगे पैसे, FIR दर्ज; सतर्कता बरतने की अपील
मथुरा में सनसनीखेज साइबर ठगी: जिलाधिकारी का फेसबुक अकाउंट हैक कर मांगे पैसे, FIR दर्ज; सतर्कता बरतने की अपील
मथुरा, 17 जुलाई (। मथुरा में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर उच्च पदस्थ अधिकारी को निशाना बनाया है। इस बार उन्होंने सीधे मथुरा के जिलाधिकारी (DM) चंद्र प्रकाश सिंह के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट को हैक कर लिया है। हैकर्स ने डीएम के दोस्तों और करीबियों को संदेश भेजकर आपातकालीन आवश्यकता का बहाना बनाकर पैसों की मांग की है, जिससे प्रशासनिक गलियारों और आम जनता के बीच हड़कंप मच गया है। घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने तुरंत सदर कोतवाली में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है और आम जनता से इस फर्जी अकाउंट से किसी भी प्रकार का जुड़ाव न रखने और सावधान रहने की अपील की है।
कैसे सामने आया मामला? जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि उन्हें एक करीबी मित्र ने फोन कर सूचित किया कि उनके फेसबुक मैसेंजर से पैसों की आपातकालीन आवश्यकता बताते हुए संदेश भेजे जा रहे हैं। इस सूचना पर संज्ञान लेते हुए जब डीएम ने स्वयं अपना फेसबुक प्रोफाइल चेक किया, तो उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि उनका अकाउंट साइबर ठगों द्वारा हैक कर लिया गया है। हैकर्स उनके नाम और प्रोफाइल पिक्चर का इस्तेमाल कर उनके सोशल सर्कल में मौजूद लोगों से वित्तीय सहायता मांग रहे थे, जिससे भ्रम और चिंता का माहौल बन गया।
डीएम की अपील और पुलिस कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने तत्काल सदर कोतवाली पुलिस को सूचना दी और स्वयं एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने अपने सभी फेसबुक मित्रों और आम जनता से अपील की है कि वे इस हैक किए गए अकाउंट या किसी भी संदिग्ध प्रोफाइल से जुड़ने या किसी भी अवांछित मांग पर प्रतिक्रिया न दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका वास्तविक अकाउंट नहीं है और वे किसी भी हाल में इस तरह से पैसों की मांग नहीं करते हैं।
सदर कोतवाली पुलिस ने जिलाधिकारी की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और साइबर सेल की विशेषज्ञ टीम की मदद ली जा रही है। साइबर सेल हैकर्स के आईपी एड्रेस, लेन-देन के तरीकों (यदि कोई हो) और डिजिटल फुटप्रिंट को ट्रैक करने का प्रयास कर रही है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके और ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
पहले भी DM को बनाया जा चुका है निशाना यह पहली बार नहीं है जब जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह को साइबर अपराधियों ने निशाना बनाया है। हाल के दिनों में यह तीसरा ऐसा मामला है, जब उनके नाम और पद का दुरुपयोग कर ठगी का प्रयास किया गया है। इससे पहले भी उनके नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों से पैसे मांगे जा चुके हैं।
सबसे गंभीर मामला तब सामने आया था जब साइबर ठगों ने जिलाधिकारी के फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल कर जिला उद्यान अधिकारी (DHO) से 50,000 रुपये की मांग की थी। गनीमत यह रही कि डीएचओ ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए पहले डीएम से सीधे संपर्क कर जानकारी की पुष्टि की और इस प्रकार बड़ी ठगी से बच गए।
ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि साइबर अपराधी कितने सक्रिय हैं और वे किस तरह उच्च पदस्थ अधिकारियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भी अपना निशाना बनाने से नहीं हिचकते। पुलिस और प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे ऑनलाइन माध्यमों से आने वाले किसी भी संदिग्ध संदेश, विशेषकर पैसों की मांग वाले संदेशों पर तुरंत विश्वास न करें और भेजने वाले व्यक्ति से सीधे संपर्क कर पुष्टि अवश्य करें।