सरकारी मत्स्य बीज (नर्सरी) में दबंगों के अवैध कब्जे से हो रही राजस्व की हानि,पुलिस मौन

कोरांव थाने की पुलिस दबंगों के खिलाफ नहीं कर रही कोई कार्रवाई

सरकारी मत्स्य बीज (नर्सरी) में दबंगों के अवैध कब्जे से हो रही राजस्व की हानि,पुलिस मौन

प्रयागराज,1 सितंबर सरकारी तालाब पर राजकीय मत्स्य प्रक्षेत्र तरांव कोरांव में दबंग ग्रामीण अवैध रूप से अतिक्रमण करके मत्स्य विभाग के राजस्व की क्षति पहुंचा रहें है। इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस एवं एसडीएम से भी की गई है। लेकिन दबंगों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों के बार—बार हस्तक्षेप से मत्स्य बीज वितरण कार्य करने में समस्या हो रही है। यह जानकारी सोमवार को मत्स्य प्रक्षेत्र तरांव कोरांव के प्रभारी मनोज कुमार ने दी।

उन्होंने बताया कि 24 अगस्त को सरकारी तालाब जिसमें मत्स्य बीज फार्म है में एक मृत भैंस डाल दिया गया। जिससे सरकारी तालाब में संक्रामक रोग एवं महामारी फैलने एवं मत्स्य बीज नष्ट होने की पूरी संभावना बढ़ गई है। अतिक्रमण करने वाले ग्रामीण सरकारी तालाब की जमीन पर जबरदस्ती भैंस बांधते है। जिसका गोबर एवं मूत्र सीधे सरकारी नर्सरियों में जा रहा है। जिसके कारण मत्स्य बीज (मछली के बच्चों) के मरने की संख्या अधिक हो रही है। परिणाम स्वरूप राजकीय राजस्व की क्षति हो रही है।

इस संबंध में वहां कार्यरत कर्मचारी आनन्द कुमार एवं बुलाकी के द्वारा विरोध किया जाता है तो दबंग ग्रामीण जान से मारने की धमकी दी जाती है। इसकी शिकायत क्षेत्र के एसडीएम और कोरांव थाने में कई बार की जा चुकी है। लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन इस संबंध में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता है। इस राजकीय कार्य में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का सही से सहयोग नहीं मिल पा रही है। कोरांव थाने की पुलिस प्रार्थना पत्र लेकर बस खाना पूर्ती करके मामले को ठंडे बस्ते में डाल देती है।

राजकीय मत्स्य बीज नर्सरी में भैंस फेकने के संबंध में 25 अगस्त को थाने में लिखित शिकायत की गई है। लेकिन कोरांव थाने की पुलिस टीम अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।