प्रयागराज में बारिश और तेज हवाओं का कहर: ड्यूटी जा रहे सिंचाई कर्मी पर टूटा पीपल का पेड़, दर्दनाक मौत

प्रयागराज में बारिश और तेज हवाओं का कहर: ड्यूटी जा रहे सिंचाई कर्मी पर टूटा पीपल का पेड़, दर्दनाक मौत

प्रयागराज में बारिश और तेज हवाओं का कहर: ड्यूटी जा रहे सिंचाई कर्मी पर टूटा पीपल का पेड़, दर्दनाक मौत

प्रयागराज, 17 जुलाई। गुरुवार सुबह प्रयागराज में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने कहर बरपाया। इसी दौरान कर्नलगंज थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक विशाल पीपल के पेड़ की डाल अचानक टूटकर सिंचाई विभाग के एक कर्मचारी पर आ गिरी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

शहर के कर्नलगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत सादियाबाद मोहल्ले में सुबह का वक्त था और लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए निकल रहे थे। इसी बीच, सुबह करीब 9 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। तेज बारिश के साथ-साथ हवाओं का वेग इतना बढ़ गया कि कई पुराने पेड़ और उनकी डालियां कमजोर पड़ने लगीं।

अपर पुलिस उपायुक्त नगर अभिजीत कुमार ने बताया कि आज सुबह कर्नलगंज थाने को सादियाबाद मोहल्ले से एक दुखद घटना की सूचना प्राप्त हुई। बताया गया कि बारिश के बीच जब शहर के निवासी अपनी दिनचर्या में लगे थे, तभी सादियाबाद में एक स्कूटी सवार युवक पर अचानक एक बड़े पीपल के पेड़ की डाल गिर गई। यह हादसा इतना अचानक और भयावह था कि युवक को संभलने का मौका ही नहीं मिला और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने तत्काल स्थिति का जायजा लिया और मृतक की पहचान सुल्तानपुर जिले के मूल निवासी अजय कुमार (45) के रूप में की, जो सिंचाई विभाग में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, अजय कुमार प्रयागराज में कर्नलगंज के सादियाबाद मोहल्ले में किराए पर कमरा लेकर अकेले रहते थे और प्रतिदिन की तरह अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे। स्कूटी पर सवार होकर जैसे ही वह सादियाबाद मोहल्ले से गुजर रहे थे, तेज हवा के झोंके से कमजोर पड़ी पीपल की डाल टूटकर सीधे उन पर आ गिरी।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्काल मदद का प्रयास किया, लेकिन अजय कुमार तब तक दम तोड़ चुके थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारी ने यह भी बताया कि मृतक के परिवार को इस दुखद घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है, और उनके प्रयागराज पहुंचने पर आगे की कानूनी कार्यवाही और औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इस दुखद घटना ने सादियाबाद और सिंचाई विभाग के कर्मचारियों में शोक की लहर फैला दी है। यह घटना शहरी क्षेत्रों में पुराने पेड़ों के रखरखाव और मानसूनी परिस्थितियों में उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े करती है।