रेलवे बोर्ड की सदस्य उषा वेणुगोपाल ने बरेका की तकनीकी उत्कृष्टता और कार्य संस्कृति काे सराहा
रेलवे बोर्ड की सदस्य उषा वेणुगोपाल ने बरेका की तकनीकी उत्कृष्टता और कार्य संस्कृति काे सराहा
वाराणसी, 6 नवंबर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में गुरूवार को रेलवे बोर्ड की सदस्य (वित्त) उषा वेणुगोपाल ने निरीक्षण किया और यहां की तकनीकी दक्षता तथा कार्य संस्कृति की जमकर सराहना की। इस दौरान उन्होंने कारखाने के विभिन्न शॉपों का दौरा किया, जिनमें न्यू लोको फ्रेम शॉप, लोको असेंबली शॉप, ट्रक मशीन शॉप और लोको टेस्ट शॉप शामिल थीं।
वेणुगोपाल ने यहां की लोको निर्माण प्रक्रिया, तकनीकी मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा उपायों की विस्तार से समीक्षा की। विशेष रूप से लोको कैब के निर्माण पर उन्होंने गहन ध्यान दिया और कहा कि बरेका भारतीय रेलवे की एक महत्वपूर्ण और गौरवमयी उत्पादन इकाई है, जहां उच्च गुणवत्ता वाले लोकोमोटिव आधुनिक तकनीक से निर्मित किए जा रहे हैं। यहां की कार्य संस्कृति और समर्पण भाव आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बरेका का योगदान लोको निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, नवाचार और गुणवत्ता नियंत्रण में अन्य इकाइयों के लिए एक प्रेरणा है। उनका मानना था कि बरेका आने वाले समय में भी भारतीय रेलवे की तकनीकी और औद्योगिक प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाएगा। बरेका में महाप्रबंधक सोमेश कुमार ने उनका स्वागत करते हुए स्मृति चिह्न प्रदान किया, वहीं प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर सुशील कुमार श्रीवास्तव ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया। निरीक्षण के दौरान बरेका की महिला कर्मचारियों ने भी उषा वेणुगोपाल का आत्मीय स्वागत किया, जिसे देखकर उन्होंने कहा कि बरेका में महिला कर्मी तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दे रही हैं, जो न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
वेणुगोपाल ने टीम बरेका के सभी कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की और कहा कि यह कारखाना न केवल भारतीय रेलवे की तकनीकी प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह हमारी समर्पित और मेहनती टीम की कार्यशैली का भी प्रमाण है। बरेका की सफलता और समर्पण की मिसाल को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने बरेका टीम को शुभकामनाएं दीं।