पत्रकारों की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर : योगी आदित्यनाथ

—मुख्यमंत्री से मिला काशी पत्रकार संघ का प्रतिनिधिमंडल —पत्रकारों को आवास योजना का मिलेगा लाभ, आयुष्मान समेत अन्य योजनाएं भी लागू होगी

पत्रकारों की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर : योगी आदित्यनाथ

वाराणसी, 22 अप्रैल । वाराणसी दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों के हितों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कई महत्वपूर्ण संकेत दिए। काशी पत्रकार संघ के प्रतिनिधिमंडल से हुई मुलाकात में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार आवास, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को उनके लिए सुलभ बनाने की दिशा में काम कर रही है।

संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र के नेतृत्व में सर्किट हाउस पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बीते 09 साल में बदलती काशी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में काशी के विकास कार्यो की सराहना की। और कहा कि "बदलता बनारस" पूरे देश में अब विकास का मॉडल बन चुका है। अरूण मिश्र ने नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए आवास की कमी, वरिष्ठ पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत और पेंशन के मुद्दे से सम्बंधित बात रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि गोरखपुर की तर्ज पर वाराणसी सहित अन्य जिलों में भी पत्रकार आवास योजनाएं लागू करने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही, पत्रकारों को आयुष्मान योजना से भी जोड़ा जाएगा जिससे पत्रकारों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इसको सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है और पत्रकार, जो दिन-रात समाज को जागरूक रखने का कार्य करते हैं, उन्हें भी इन योजनाओं से जोड़ा जाना प्राथमिकता में है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता पूर्वक सुनने के बाद संघ अध्यक्ष के हाथों पत्रक भी लिया और सभी पर विचार करने की बात कही।

—स्व. रमेंद्र सिंह के परिजनों को मिले मुआवजा

बातचीत के दौरान वरिष्ठ पत्रकार स्व. रमेंद्र सिंह के परिजनों को मुआवजा न मिलने की बात संज्ञान में में लाई गई , जिस पर मुख्यमंत्री ने मामले के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।

—मुख्यमंत्री को वार्षिकी भेट की

संघ अध्यक्ष की ओर से मुख्यमंत्री को वार्षिकी डायरी भेंट की गई। मुख्यमंत्री ने वार्षिकी के मुख्यपृष्ठ के साथ अन्य पन्नों को भी देखा। पत्रकारिता के पुरोधा विष्णु राव पराड़कर की कर्मस्थली "पराड़कर स्मृति भवन" आने के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने जल्द ही वहां आने का वादा किया। प्रतिनिधिमंडल में संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र, पूर्व अध्यक्ष योगेश गुप्त, सुशील सिंह, दीनबंधु राय शामिल रहे।