प्रयागराज: खेलते-खेलते काल का ग्रास बनी 3 साल की पीहू, पिकअप की चपेट में आने से दर्दनाक मौत

प्रयागराज: खेलते-खेलते काल का ग्रास बनी 3 साल की पीहू, पिकअप की चपेट में आने से दर्दनाक मौत

प्रयागराज: खेलते-खेलते काल का ग्रास बनी 3 साल की पीहू, पिकअप की चपेट में आने से दर्दनाक मौत

प्रयागराज/उत्तर प्रदेश। प्रयागराज जिले से एक बेहद हृदय विदारक और दुखद खबर सामने आई है। मऊआइमा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर खास गांव में रविवार को हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक लापरवाह पिकअप वाहन की चपेट में आने से मात्र 3 साल की एक मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और फरार चालक तथा वाहन की तलाश में जुट गई है।


घर के पास खेलते हुए हुआ हादसा

मृतका की पहचान राजू पटेल की 3 वर्षीय बेटी पीहू पटेल के रूप में हुई है। पीहू अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी और रविवार को वह हमेशा की तरह अपने घर के पास खेल रही थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मासूमियत भरा खेल उस वक्त मातम में बदल गया जब वहीं पास में खड़ी एक पिकअप गाड़ी अचानक बैक होने लगी। चालक की लापरवाही के चलते पीहू पटेल पिकअप की चपेट में आ गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्ची को गंभीर चोटें आईं और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

जैसे ही परिजनों और पड़ोसियों को घटना की जानकारी मिली, वहां चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, तलाश जारी

इस दर्दनाक हादसे की पुष्टि पुलिस उपायुक्त गंगानगर, मनीष कुमार शांडिल्य ने की। उन्होंने बताया कि मऊआइमा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुरा खास गांव में यह दुर्घटना हुई।

डीएसपी शांडिल्य ने जानकारी दी, "सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने बच्ची के शव को कब्जे में ले लिया है। मृतका के परिवार से तहरीर प्राप्त कर ली गई है, जिसके आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।"

फिलहाल, पुलिस की टीमें उस पिकअप के चालक और वाहन की तलाश में जुटी हुई हैं, जो इस हृदय विदारक घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए थे। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल

एक हंसते-खेलते घर में अचानक पसरा यह सन्नाटा न केवल पीड़ित परिवार के लिए एक असहनीय क्षति है, बल्कि यह घटना स्थानीय प्रशासन और नागरिक समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।

सड़क किनारे और रिहायशी इलाकों में वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही से पार्किंग व ड्राइविंग के कारण बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यह घटना सबक देती है कि हमें बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए निजी और सार्वजनिक दोनों स्तरों पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी, ताकि एक पल की चूक किसी और घर की खुशियां न छीन ले।