राष्ट्रगीत वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा गया

राष्ट्रगीत वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा गया

राष्ट्रगीत वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा गया

औरैया, 07 नवम्बर  । राष्ट्रवाद के अग्रदूत बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी द्वारा वर्ष 1875 में रचित राष्ट्रगीत ‘वंदेमातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस क्रम में पुलिस अधीक्षक औरैया अभिषेक भारती द्वारा पुलिस कार्यालय स्थित सभागार कक्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र को संबोधित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ‘वंदेमातरम’ गीत को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा बताते हुए कहा कि यह गीत केवल राष्ट्रगान नहीं, बल्कि भारत के हर नागरिक की भावना और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनकी रचना ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अमिट ऊर्जा का संचार किया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रगीत की ऐतिहासिक महत्ता से अवगत कराया और कहा कि देशभक्ति केवल शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे कर्म के रूप में जीवन में उतारना चाहिए।

कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्षगण, निरीक्षक व अन्य पुलिस कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री के प्रेरणादायक उद्बोधन को ध्यानपूर्वक सुना और राष्ट्रहित में अपने दायित्वों के प्रति निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया।