लाल किला ब्लास्ट केस में जसीर बिलाल की एनआईए हिरासत सात दिन और बढ़ी
लाल किला ब्लास्ट केस में जसीर बिलाल की एनआईए हिरासत सात दिन और बढ़ी
नई दिल्ली, 03 दिसंबर । पटियाला हाउस कोर्ट के प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज अंजु बजाज चांदना ने लाल किला ब्लास्ट मामले के आरोपित जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) हिरासत 7 दिनों के लिए बढ़ा दी है। एनआईए ने इस मामले में अब तक 7 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया था।
एनआईए के मुताबिक दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की कोशिश की। एनआईए के मुताबिक दानिश ने उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। एनआईए के मुताबिक राजनीति विज्ञान में स्नातक दानिश को आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए उमर ने ब्रेनवाश किया। वह अक्टूबर, 2024 में कुलगाम की एक मस्जिद में डॉक्टर मॉड्यूल से मिलने को तैयार हुआ, जहां से उसे हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह विश्वविद्यालय में रहने के लिए ले जाया गया।
दानिश को पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिरासत में लिया था और पूछताछ में उसने खुलासा किया था कि मॉड्यूल के अन्य लोग उसे प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद के लिए ओवर-ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) बनाना चाहते थे, जबकि उमर कई माह से उसका ब्रेनवॉश कर आत्मघाती हमलावर बनने के लिए तैयार कर रहा था। एनआईए के मुताबिक उमर की यह कोशिश इस साल अप्रैल में उस समय नाकाम हो गई, जब दानिश ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति और इस्लाम में आत्महत्या को गलत मानने का हवाला देते हुए इससे इनकार कर दिया था।
लाल किला के पास 10 नवंबर को आई-10 कार में ब्लास्ट हुआ था। ये कार आमिर रशीद अली के नाम पर थी। इस ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हाे गई थी और 32 लोग घायल हो गए थे।