एनकाउंटर में मारे गए आरोपित के भाई की याचिका पर ध्वस्तीकरण नोटिस के क्रियान्वयन पर हाईकाेर्ट से रोक
गाजीपुर होटल कारोबारी के बेटे की हत्या मामला
प्रयागराज, 23 जून इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गाजीपुर में होटल कारोबारी के बेटे विनीत राय उर्फ हनी राय हत्याकांड को लेकर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए आरोपित कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद के भाई संजय बिंद की याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन के ध्वस्तीकरण नोटिस के क्रियान्वयन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार से याचिका पर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही याची को उसके बाद दो सप्ताह में प्रत्युत्तर शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर एवं न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने संजय बिंद की याचिका पर दिया है। याचिका के अनुसार एसडीएम सदर ने बगैर नक्शा स्वीकृत कराए किए गए अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण नोटिस जारी किया है। संजय बिंद के साथ ही तीन अन्य आरोपितों शंकर पांडेय, आलोक दुबे और सोनू यादव को भी नोटिस जारी किया गया है। सभी आरोपितों से 12 जून तक जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई है।
याचिका में आरोप लगाया है कि पुलिस याची के भाई को गत तीन जून को बिहार से उठाकर लाई थी और चार जून को उसका फर्जी एनकाउंटर कर दिया गया। पुलिस एनकाउंटर के बाद हजारों की संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि याची पुलिस एनकाउंटर पर सवाल न उठाएं, इसी को लेकर दबाव बनाने के लिए यह नोटिस जारी किया गया है। यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लंघन किया जा रहा है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सिर्फ एफआईआर के आधार पर बुलडोजर एक्शन नहीं किया जा सकता है।
यह भी कहा गया है कि याची पुलिस एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। याची यह मांग न करें, इसलिए भी उन पर नोटिस के माध्यम से दबाव बनाया जा रहा है। याचिका में एसडीएम सदर गाजीपुर का ध्वस्तीकरण का नोटिस रद्द करने की मांग की गई है।
गौरतलब है कि 29 मई की रात होटल कारोबारी के बेटे विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।