तुर्कीपुर फफूंद में बुखार का प्रकोप, एक महिला की मौत

बीस से अधिक मरीजों की रिपोर्ट में डेंगू के लक्षण

तुर्कीपुर फफूंद में बुखार का प्रकोप, एक महिला की मौत

औरैया, 22 नवम्बर । उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के भाग्यनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत तुर्कीपुर फफूंद में पिछले करीब बीस दिनों से बुखार का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। गांव में अब तक पचास से अधिक लोग तेज बुखार की चपेट में आ चुके हैं, जबकि गुरुवार को इलाज के दौरान एक 28 वर्षीय महिला की मौत हो गई। गांव में फैली इस बीमारी से लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश जताया है।

गांव की निवासी ऊषा देवी (28) को 16 नवंबर को तेज बुखार आया। परिजनों ने पहले स्थानीय निजी अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन आराम न मिलने पर उन्हें सौ शैय्या अस्पताल भेजा गया, जहां से डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई। इसके अलावा गांव के कई अन्य लोग भी तेज बुखार से पीड़ित हैं। इनमें चन्द्रकली, हरिओम, विनोद कुमारी, बिठौली देवी, सरोज कुमारी, हर्ष यादव, रिंकी, ममता, सौम्या, विनोदनी, महेंद्र प्रताप, रामवती, यदुनाथ सिंह समेत बीस से अधिक ग्रामीणों में डेंगू जैसे लक्षण पाए गए हैं। किट से हुई जांच में आठ मरीजों में डेंगू की पुष्टि भी हुई है।

ग्रामीण संदीप यादव, रामू, ओमवीर, नागेंद्र, सुरजीत, रामकुमार, मनोज, हरनाम सिंह, रामकिशोर, प्रयाग सिंह व शिवाजी ने बताया कि नवंबर की शुरुआत से ही गांव में तेज बुखार फैलना शुरू हो गया था। उन्होंने एएनएम को कई बार सूचना दी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि एएनएम केवल एक-दो घरों के सामने दवा छिड़काव का फोटो खिंचवाकर वापस चली गई और कोई वास्तविक कार्रवाई नहीं की गई।

स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में ग्रामीणों ने फफूंद, औरैया, दिबियापुर, इटावा तक के निजी अस्पतालों में इलाज कराया। कई मरीज अभी भी औरैया व कानपुर के अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनकी रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। गांव में संचारी रोगों का अभियान भी अब तक नहीं चलाया गया, जिससे बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ गया है।

इस संबंध में दिबियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक विजय आनंद ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य टीम भेज दी गई है और मरीजों की जांच व उपचार जारी है।