सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ फैसिनेट टेक्सटाइल्स का आईपीओ, 13 अगस्त तक लगा सकते हैं बोली

सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ फैसिनेट टेक्सटाइल्स का आईपीओ, 13 अगस्त तक लगा सकते हैं बोली

सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ फैसिनेट टेक्सटाइल्स का आईपीओ, 13 अगस्त तक लगा सकते हैं बोली

नई दिल्ली, 11 अगस्त। टेक्सटाइल सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी फैसिनेट टेक्सटाइल्स का 66.98 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 13 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 14 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 17 अगस्त को अलॉटेड शेयर डिमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 18 अगस्त को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद दोपहर 2:30 बजे तक इस आईपीओ को सिर्फ 64 आवेदन मिले थे, जिनके जरिये ये इश्यू महज तीन प्रतिशत सब्सक्राइब हो सका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 148 रुपये प्रति शेयर से लेकर 156 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 800 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 1,600 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,49,600 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 42,93,600 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग 54 करोड़ रुपये के 34,57,600 नए शेयर जारी किये जा रहे हैं, जबकि करीब 13 करोड़ रुपये के 8,36,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ 1.01 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है।

इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 56.34 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 37.64 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.01 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए एफिलिटी ग्लोबल कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि मां कैमियो कॉरपोरेट सर्विसेज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं गिरिराज स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

फैसिनेट टेक्सटाइल्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 48 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5.81 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 15.07 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 28.90 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 60.28 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 117.23 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 12.33 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 18.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 26.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 4.45 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 10.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 31.44 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 3.05 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस लगभग तीन गुने उछाल के साथ 9.04 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 21.14 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 1.68 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 10.01 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 24.15 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।