हल्दी, अदरक और बीजीय मसाला उत्पादन के किसानों ने सीखे गुर
हल्दी, अदरक और बीजीय मसाला उत्पादन के किसानों ने सीखे गुर
बांदा, 19 फ़रवरी। उत्तर प्रदेश में बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के उद्यान महाविद्यालय द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन परियोजना के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुपारी एवं मसाला विकास निदेशालय, कालीकट द्वारा वित्तपोषित इस कार्यक्रम का आयोजन झांसी के उद्यानिकी प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र, बरुआ सागर में किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य विषय "बुंदेलखंड में हल्दी, अदरक एवं बीजीय मसालों की उन्नत खेती" रहा।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता बरुआसागर एवं आसपास के गांवों से आए 100 से अधिक प्रगतिशील पुरुष एवं महिला कृषकों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने आधुनिक खेती के गुर सीखने में विशेष उत्साह दिखाया।
मुख्य अतिथि, डॉ. बी.पी. सिंह (प्रभारी केंद्र) ने अपने संबोधन में कहा कि बुंदेलखंड की जलवायु औषधीय और मसाला फसलों के लिए वरदान है। उन्होंने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा, "परंपरागत खेती के साथ यदि किसान वैज्ञानिक पद्धति से मसालों की खेती अपनाएं, तो कम लागत और कम पानी में भी अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं।"