योगी कैबिनेट बैठक में शासकीय अधिवक्ताओं का मानदेय बढ़ाने सहित 24 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

योगी कैबिनेट बैठक में शासकीय अधिवक्ताओं का मानदेय बढ़ाने सहित 24 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

योगी कैबिनेट बैठक में शासकीय अधिवक्ताओं का मानदेय बढ़ाने सहित 24 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

लखनऊ, 03 जून । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। प्रदेश में अदालती कार्यवाही में लगे सरकारी वकीलों के मानदेय और मासिक भत्ते में वृद्धि संबंधी प्रस्ताव को अनुमोदन मिलने के साथ ही प्रदेश के 18 नगर निगमों में ई व्हीकल बस संचालन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि नगर विकास विभाग 17 नगर निगम व नोएडा सहित कुल 18 बड़े शहरों में ई-बसों के संचालन के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल पर वातानुकूलित इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। शर्मा ने बताया कि यह निर्णय प्रदेश में बढ़ते शहरीकरण, नागरिकों की परिवहन आवश्यकताओं तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी एवं नोएडा (जेवर सहित) में कुल 1725 ई बसें चलाने का प्रस्ताव था,जिसमें से 743 इलेक्ट्रिक बसों का पहले से संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 500 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन यूपीकैम्पा (विश्व बैंक सहायता प्राप्त) मॉडल के अंतर्गत किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि आगामी पांच वर्षों में कुल 6650 इलेक्ट्रिक बसों को चरणबद्ध रूप से संचालित किया जाएगा। इससे नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ, वातानुकूलित एवं पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही वायु एवं ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी तथा प्रदेश के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना से लगभग 10 हजार 500 प्रत्यक्ष एवं 35 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह निर्णय उत्तर प्रदेश को हरित, आधुनिक एवं विश्वस्तरीय नगरीय परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य के सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय और मासिक भत्ते में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता को 14 हजार रिटेनर, 2500 बहस फीस निर्धारित की गयी है। कैबिनेट ने महाधिवक्ता का मानदेय 1.25 लाख और बहस फीस 60 हजार/दिन तय किया है।

जिला स्तर के अधिवक्ताओं का बढ़ा मानदेय

-जिला शासकीय अधिवक्ता:- रिटेनर फीस 14,000/माह, बहस फीस 2,500 प्रति कार्य दिवस।

-अपर जिला शासकीय अधिवक्ता:- रिटेनर फीस 11,000/माह, बहस फीस 2,300/कार्य दिवस

-सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता:- 10,000/माह, बहस फीस 2,300/कार्यदिवस

-उप जिला शासकीय अधिवक्ता: 9,000/माह, बहस फीस 2,000/कार्यदिवस

विशेष वकील

-नामिका वकील, विशेष अधिवक्ता, न्याय वित्त दीवानी फौजदारी:- बहस फीस 2,300रुपये प्रति कार्य दिवस

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट स्तर के अधिवक्ताओं का बढ़ा मानदेय:-

-महाधिवक्ता:- 1,25,000 रुपये प्रति माह, बहस फीस 60,000/कार्य दिवस

-अपर महाधिवक्ता:- 50,000/माह, बहस फीस 40,000/कार्य दिवस

-अपर महाधिवक्ता, उच्चतम न्यायालय:- 50,000/माह, बहस फीस 50,000/कार्य दिवस

-मुख्य स्थायी अधिवक्ता:- 35,000/माह, बहस फीस 12,000/कार्यदिवस

-अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता, अपर शासकीय अधिवक्ता, अपर लोक अभियोजक:- 20,000/माह, बहस फीस 8,000/कार्यदिवस