कांवड़ यात्रा: डीआईजी और मंडलायुक्त ने बांटे फल-प्रसाद, सुरक्षा इंतजामों का लिया जायजा
कांवड़ यात्रा: डीआईजी और मंडलायुक्त ने बांटे फल-प्रसाद, सुरक्षा इंतजामों का लिया जायजा
बरेली, 7 अगस्त । श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शुक्रवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी और मंडलायुक्त शंभू कुमार ने कांवड़ यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालु कांवड़ियों को फल एवं प्रसाद वितरित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने पार्किंग स्थलों, रूट डायवर्जन, कंट्रोल रूम, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य आवश्यक इंतजाम हर समय सुचारु रूप से संचालित रहें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों ने गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए चिन्हित स्थलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पार्किंग व्यवस्था को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और भीड़ बढ़ने की स्थिति में वैकल्पिक इंतजाम पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन योजना का प्रभावी ढंग से पालन कराने पर जोर दिया।
डीआईजी और मंडलायुक्त ने महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए थाना भमोरा (बरेली) तथा थाना विनावर (बदायूं) में स्थापित मिशन शक्ति केंद्र (एमएसके) का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं, महिला सहायता एवं परामर्श व्यवस्था, हेल्पलाइन संबंधी जानकारी और जनजागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मिशन शक्ति केंद्रों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए और जरूरतमंद महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गंगा घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए। स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, दुर्घटना या असुविधा न होने पाए और प्रत्येक संवेदनशील स्थल पर लगातार निगरानी रखी जाए।
डीआईजी अजय कुमार साहनी और मंडलायुक्त शंभू कुमार ने भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन सहायता, पार्किंग प्रबंधन और यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं का आवागमन सुरक्षित, सुगम और निर्बाध बना रहना चाहिए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्र और डीजे का प्रयोग शासन की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कराया जाए। किसी भी प्रकार के अतिक्रमण, अव्यवस्था या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए।
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही असामाजिक और अराजक तत्वों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने तथा अफवाह फैलाने या शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए है।
मंडलायुक्त और डीआईजी ने कहा कि सभी विभाग समय रहते अपनी तैयारियां पूरी करें और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर बदायूं अभिषेक कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर बदायूं राहुल पांडेय सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।