भाई अबान के जनाजे में शामिल होगा अली अहमद

हाईकोर्ट से दो दिन की पैरोल मिलने के बाद झांसी पुलिस ने शुरू की तैयारी

भाई अबान के जनाजे में शामिल होगा अली अहमद

झांसी, 07 अगस्त । माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की सड़क हादसे में मौत के बाद झांसी जिला कारागार में बंद उसके भाई अली अहमद को जनाजे में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट से दो दिन की पैरोल मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने उसे कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है।

अली अहमद पिछले करीब 11 महीने से झांसी जिला कारागार की हाई सिक्योरिटी तन्हाई बैरक में बंद है। जेल प्रशासन उसकी गतिविधियों पर लगातार सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखता है। बताया जाता है कि आबान अहमद अपने बड़े भाई अली से मिलने नियमित रूप से झांसी जेल आता था और वह करीब 49 बार उससे मुलाकात कर चुका था।

गुरुवार को आबान अपने साथियों सोनू, जैद और अहजान के साथ प्रयागराज से क्रेटा कार से झांसी जेल में अली से मिलने आ रहा था। झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के ग्राम खिल्ली के पास कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में आबान और उसके साथी सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य साथी घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों को परिजन प्रयागराज ले गए।

आबान की मौत के बाद परिजनों ने प्रयागराज हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर झांसी जेल में बंद अली अहमद तथा लखनऊ जेल में बंद उसके भाई को अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की। याचिका अतीक अहमद की बहन परवीन कुरैशी की ओर से प्रस्तुत की गई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों भाइयों को दो दिन की पैरोल प्रदान कर दी।

बताया जा रहा है कि भाई की मौत की सूचना मिलने के बाद अली अहमद बेहद भावुक हो गया था। जेल सूत्रों के अनुसार उसने रातभर भोजन नहीं किया और बार-बार अपने भाई के अंतिम दर्शन कराने की गुहार लगाता रहा।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद झांसी पुलिस ने अली अहमद को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रयागराज ले जाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासन की ओर से पैरोल आदेश की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे सुरक्षा घेरे में प्रयागराज रवाना किया जाएगा, जहां वह अपने भाई आबान अहमद के जनाजे में शामिल होगा।

झांसी जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि उच्च न्यायालय के पैरोल के आदेश के बाद अली को प्रयागराज भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के लिए गार्द की मांग की है। गार्द उपलब्ध होते ही सुरक्षा व्यवस्था के बीच अली को प्रयागराज के लिए भेजा जायेगा।