हाइकोर्ट : जौनपुर के अधिशासी अभियंता पर उपभोक्ता को बार-बार परेशान करने के लिए लगा 25 हजार रुपये का हर्जाना

हाइकोर्ट : जौनपुर के अधिशासी अभियंता पर उपभोक्ता को बार-बार परेशान करने के लिए लगा 25 हजार रुपये का हर्जाना

हाइकोर्ट : जौनपुर के अधिशासी अभियंता पर उपभोक्ता को बार-बार परेशान करने के लिए लगा 25 हजार रुपये का हर्जाना


प्रयागराज, 07 अगस्त 

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अधिशासी अभियंता विद्युत निगम जौनपुर के खिलाफ 25 हजार रूपये का हर्जाना लगाया है। यह हर्जाना उपभोक्ता को परेशान करने के लिए लगाया गया है।

जौनपुर की "ओम फूड मैन्युफैक्चरिंग सेंटर" कंपनी ने अपने कमर्शियल बिजली कनेक्शन को लेकर बार-बार निगम की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया। मामले की शुरुआत तब हुई जब लोड बढ़ाने के बाद निगम ने दो साल बाद बिलिंग में गलती बताते हुए 54 लाख रुपये से अधिक की मांग कर दी, जबकि लोड बढ़ाने और मीटर लगाने में उपभोक्ता की कोई गलती नहीं थी।

6 मई 2026 को न्यायालय ने उच्चतम न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि निगम गलती सुधार कर मांग तो कर सकता है, लेकिन बिजली काटने जैसी सख्त कार्रवाई नहीं कर सकता।

इसके बाद निगम ने एक के बाद एक अलग-अलग रकम के तीन नोटिस जारी किए पहले 2.93 लाख, फिर 54.14 लाख, और अंत में 5.44 लाख रुपये की मांग.की। हर बार कंपनी को कोर्ट जाना पड़ा और हर बार निगम ने नोटिस वापस ले लिया।

न्यायालय ने इसे कोर्ट के आदेश की "अवमाननापूर्ण" अवहेलना बताते हुए कहा कि अधिकारी बिना किसी ठोस और नए कारण के बार-बार नोटिस जारी कर रहे थे। जब कोर्ट ने निगम के वकील से जवाब मांगा तो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।

न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने अधिशासी अभियंता पर शुरू में 5 लाख रुपये हर्जाना तय किया, जिसे वरिष्ठ अधिवक्ता की अपील पर घटाकर 25,000 रुपये कर दिया। यह राशि दो सप्ताह में उपभोक्ता को देनी होगी, नहीं तो जिलाधिकारी जौनपुर इसे भू-राजस्व की तरह वसूलेंगे।