अयाेध्या के राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख किरदार रहे डॉ रामविलास वेदांती का निधन, सरयू तट पर मंगलवार को होगा अंतिम संस्कार

अयाेध्या के राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख किरदार रहे डॉ रामविलास वेदांती का निधन, सरयू तट पर मंगलवार को होगा अंतिम संस्कार

अयाेध्या के राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख किरदार रहे डॉ रामविलास वेदांती का निधन, सरयू तट पर मंगलवार को होगा अंतिम संस्कार

अयोध्या, 15 दिसंबर । श्री राम जन्मभूमि आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रख्यात संत और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का आज सोमवार को मध्य प्रदेश के रीवा सुपर हॉस्पिटल में निधन हो गया। वे लगभग 67 वर्ष के थे । उनके निधन से अयोध्या, संत समाज और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है । उनका पार्थिव शरीर अयोध्या लाया जा रहा है और सरयू तट पर मंगलवार 16 दिसंबर सुबह 10 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। डाॅ वेदांती के आश्रम हिन्दू धाम में श्रंद्धाजलि देने के लिए लोग पहुंच रहे हैं ।

अंतिम यात्रा हिंदू धाम से हाेगी शुरु

प्रख्यात संत और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती के शिष्य- उत्तराधिकारी महंत डॉ राघवेशदास ने बताया कि डॉ. वेदांती का शव आज साेमवार देर शाम तक अयोध्या पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि महाराज जी की अंतिम यात्रा हिंदू धाम से मंगलवार सुबह शुरु हाेगी और राम मंदिर तक जाएगी। अंतिम यात्रा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की संभावना है।

मंदिर आंदोलन के अग्रणी किरदार थे

डॉ. वेदांती का जन्म रीवा के गुढ़वा गांव में 7 अक्टूबर 1958 को हुआ था और 12 साल की उम्र में अयोध्या आ गए थे। उनका पूरा जीवन यहीं पर बीता। श्रीराम मंदिर आंदोलन को धार देने के कारण उन्हें राम मंदिर जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। अयाेध्या में विवादित ढांचा विध्वंस के प्रमुख आरोपियों में भी पूर्व सांसद वेदांती का नाम शामिल था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गुरु महंत अवेद्य नाथ एवं रामचंद्र दास परमहंस के साथ-साथ रामविलास दास वेदांती 90 के दशक में मंदिर आंदोलन के अग्रणी किरदार थे।

दाे बार रहे भाजपा के सांसद

हनुमानगढ़ी के महंत तथा राम मंदिर उद्धारक महंत अभिराम दास के शिष्य रामविलास दास वेदांती हिंदू धाम नयाघाट में निवास करते थे। उनका वशिष्ठ भवन नामक आश्रम भी है। उन्होंने रामलला और हनुमानगढ़ी के सामने कई दशकों तक रामकथा का वाचन किया। वे संस्कृत के प्रख्यात विद्वान भी थे। उत्तरप्रदेशके प्रतापगढ़ और जौनपुर की मछलीशहर सीट से वह दो बार भाजपा के सांसद भी रहे। अयाेध्या के विवादित ढांचा के ध्वस्तीकरण मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए डॉ. वेदांती सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। फैसले से पहले कोर्ट में दर्ज कराए अपने बयान में डॉ. रामविलास वेदांती ने कहा था हमने किसी मस्जिद को नहीं बल्कि मंदिर के खंडहर को तोड़ा था। वहां केवल और केवल मंदिर था जिसे राजा विक्रमादित्य ने बनवाया था।