बरेली की सबसे बड़ी टाउनशिप 561 हेक्टेयर में बसेगी, किसानों से संवाद शुरू

बरेली की सबसे बड़ी टाउनशिप 561 हेक्टेयर में बसेगी, किसानों से संवाद शुरू

बरेली की सबसे बड़ी टाउनशिप 561 हेक्टेयर में बसेगी, किसानों से संवाद शुरू

बरेली, 05 दिसम्बर । परसाखेड़ा टाउनशिप परियोजना को लेकर ग्रामीणों में उठ रही आपत्तियों को दूर करने के लिए आवास विकास परिषद की टीम शुक्रवार को सीधे किसानों के बीच पहुंची। लखनऊ नियोजन समिति के 28 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने सात गांवों की 561 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित इस विशाल हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर किसानों से खुलकर संवाद किया।

इससे पहले आईएमए हॉल में परियोजना का प्रजेंटेशन कर किसानों को पूरी योजना की जानकारी दी गई। बैठक में हमीरपुर के किसानों ने स्पष्ट कहा कि यदि मुआवजा नकद भुगतान के रूप में दिया जाए और सीमांकन से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो, तो वे परियोजना के लिए जमीन देने को तैयार हैं। समिति ने भरोसा दिलाया कि किसानों की सभी आपत्तियों, सुझावों और मांगों को बिंदुवार दर्ज कर अंतिम रिपोर्ट में सम्मिलित किया जाएगा, जिसके बाद निर्णय प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

टीम ने ट्यूलिया, धंतिया और आसपास के गांवों में जाकर बैठकें की। परिषद अधिकारियों ने बताया कि टाउनशिप के शुरुआती चार सेक्टर इन्हीं दो गांवों में विकसित किए जाएंगे। ग्रामीणों ने सीमांकन, उचित मुआवजा, पुनर्वास और भविष्य में मिलने वाले लाभों को लेकर सवाल उठाए, जिनका अधिकारियों ने मौके पर जवाब देने की कोशिश की। अधिकारियों का कहना था कि गांव-गांव संवाद का उद्देश्य किसानों की शंकाओं को दूर करना और योजना को सहमति के साथ आगे बढ़ाना है। किसानों की आपत्तियों व मुआवजे से जुड़े बिंदुओं की विस्तृत सूची लखनऊ भेजी जाएगी।

आवास विकास परिषद की प्रस्तावित टाउनशिप योजना ट्यूलिया, धंतिया, हमीरपुर, वोहित, मिलक इमामगंज, फरीदापुर रामचरण और बल्लिया—कुल सात गांवों की 561 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जाएगी। पूरी टाउनशिप 12 सेक्टरों में विकसित होगी। शुरुआती सेक्टर 4, 5, 6 और 7 का नक्शा, सड़क व्यवस्था और मूलभूत संरचना का प्रारूप लगभग तैयार है।

आवास विकास परिषद के एक्सईएन राजेंद्र नाथ राम ने बताया कि किसानों की समस्याओं को ध्यान से सुना गया और हमीरपुर के किसान भी नकद मुआवजे की शर्त पर जमीन देने को तैयार हैं। संवाद आगे भी जारी रहेगा।