प्राइवेट स्कूलों की मनमानी: पूर्व विधायक बोले, अभिभावकों को लूटने का अड्डा बन चुके हैं निजी स्कूल
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी: पूर्व विधायक बोले, अभिभावकों को लूटने का अड्डा बन चुके हैं निजी स्कूल
हरिद्वार, 08 मई । प्राइवेट स्कूलों की लगातार बढ़ती फीस और मनमाने चार्जों को लेकर अब जनप्रतिनिधियों का भी गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता व लक्सर के पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने निजी स्कूल संचालकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्राइवेट स्कूल शिक्षा का मंदिर नहीं, बल्कि अभिभावकों को लूटने का माध्यम बनते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल संचालक बिल्डिंग चार्ज, ट्यूशन फीस, मेंटेनेंस फीस, एक्टिविटी फीस और अन्य कई नामों पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। हर साल मनमाने तरीके से फीस बढ़ाकर बच्चों व उनके माता-पिता का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
संजय गुप्ता ने कहा कि डीएवी, डीपीएस सहित कई बड़े निजी स्कूलों में खुलेआम अभिभावकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन अपनी मनमानी से फीस तय कर रहे हैं और अभिभावकों को मजबूरी में भारी रकम चुकानी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि केवल फीस ही नहीं, बल्कि किताबों और यूनिफॉर्म के नाम पर भी अभिभावकों का जमकर शोषण किया जा रहा है। स्कूलों द्वारा तय दुकानों से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
पूर्व विधायक ने कहा कि सरकारी स्कूलों में इस तरह की कोई लूट नहीं है, लेकिन निजी स्कूल शिक्षा को पूरी तरह व्यवसाय बना चुके हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस मनमानी पर रोक नहीं लगी तो अभिभावकों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर निजी स्कूलों की मनमानी, फीस वृद्धि और अभिभावकों के शोषण पर तत्काल रोक लगाने की मांग करेगा। साथ ही स्कूलों की फीस संरचना की जांच कर सख्त कार्रवाई की भी मांग उठाई जाएगी।