10वीं के छात्र कुशाग्र कनोडिया अपहरण व हत्या मामले में तीनों आरोपित दोषी करार

10वीं के छात्र कुशाग्र कनोडिया अपहरण व हत्या मामले में तीनों आरोपित दोषी करार

10वीं के छात्र कुशाग्र कनोडिया अपहरण व हत्या मामले में तीनों आरोपित दोषी करार

कानपुर, 20 जनवरी । जनपद में 16 वर्षीय दसवीं के छात्र कुशाग्र कनोडिया का अपहरण और हत्या के मामले में मंगलवार को अदालत ने तीनों आरोपितों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने तय किया कि ट्यूशन टीचर रचिता वत्स उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और दोस्त आर्यन ने मिलकर छात्र की हत्या की थी। पूरे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 14 गवाह पेश किए गए। 13 जनवरी को आखिरी सुनवाई हुई थी। अब 22 जनवरी को अदालत फैसला सुनाएगी।

रायपुरवा थाना क्षेत्र के आचार्य नगर के रहने वाले मनीष कनोडिया कपड़ा कारोबारी हैं। उनका 16 वर्षीय बेटा कुशाग्र जयपुरिया स्कूल में दसवीं का छात्र था। बीती 30 अक्टूबर 2023 को शाम करीब चार बजे वह अपनी स्कूटी से कोचिंग के लिए निकला था। रास्ते में उसे ट्यूशन टीचर रचिता वत्स का प्रेमी प्रभात मिला। वह बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद दोनों ओम नगर में इंद्रावती हाता स्थित प्रभात के घर पहुंचे। जहां पर पहले से ही रचिता मौजूद थी। जब कुशाग्र प्रभात के घर पहुंचा ताे दोनों ने मिलकर कुशाग्र की गला घोंटकर हत्या कर दी।

जिस समय दोनों घटना को अंजाम दे रहे थे। उस वक्त दरवाजे के बाहर प्रभात का दोस्त आर्यन उर्फ शिवा निगरानी कर रहा था। हत्या करने के बाद शातिरों ने मामले को गुमराह करने के उद्देश्य से 30 लाख रुपये की फिरौती भरा लेटर लिखकर छात्र के घर फेंककर भाग आये थे। किसी को शक ना हो इसलिए लेटर में उर्दू के शब्दों जैसे अल्लाह हू अकबर का भी प्रयोग किया गया था। इसके अलावा स्कूटी नंबर प्लेट से भी छेड़छाड़ की गई थी।

हालांकि छात्र के घर के बाहर लगे सीसीटीवी में स्कूटी स्वर दो लोग दिखाई दिए। छात्र के घर पर तैनात गार्ड ने स्कूटी को देखकर पहचान लिया कि यह गाड़ी ट्यूशन टीचर की है जिसे उसका बॉयफ्रेंड चल रहा है। तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ। तीनों की निशानदेहीं पर कुशाग्र का शव भी बरामद कर लिया गया।

पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बीती 31 मार्च 2024 को पुलिस ने उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी की थी। जिसमें गिरोह का सरगना प्रभात शुक्ला को बनाया गया था।

यह मुकदमा एडीजे 11 सुभाष सिंह की कोर्ट में ट्रायल पर था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता भास्कर मिश्रा ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन ने पूरी घटना को कोर्ट में साबित किया। मामले में 14 गवाह पेश किए गए थे। तमाम गवाहों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने तीनाें काे दाेषी करार दिया है और सजा दिए जाने की तारीख 22 जनवरी नियत है।