बीएचयू आईएमएस के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में उन्नत तकनीक से कैंसर मरीजों को मिलेगी कीमोथेरेपी

सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ऑपरेशन थिएटर में आधुनिकतम एचआईपीईसी मशीन लगी

बीएचयू आईएमएस के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में उन्नत तकनीक से कैंसर मरीजों को मिलेगी कीमोथेरेपी

वाराणसी,11 फरवरी । काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) चिकित्सा विज्ञान संस्थान के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ऑपरेशन थिएटर में आधुनिकतम मशीन लगने से कैंसर रोगियों को कीमोथेरेपी प्रभावी तरीके से मिल रही है। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ऑपरेशन थिएटर में आधुनिकतम रैंड परफ़ॉर्मर थ्री हाईपेक मशीन से मरीजों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है।

बीएचयू के जनसम्पर्क कार्यालय के अनुसार, यह अत्याधुनिक प्रणाली हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी (एचआईपीईसी) प्रदान करने के लिए प्रयोग की जाएगी। यह एक उन्नत कैंसर उपचार तकनीक है जिसमें शल्य-क्रिया के तुरंत बाद गरम कीमोथेरेपी दवा को पेट, अंगों की भीतरी सतह में सीधे पहुंचाया जाता है। जिससे अतिरिक्त माइक्रोस्कोपीक कैंसर कोशिकाओं को भी प्रभावी रूप से नष्ट किया जा सके और उपचार के परिणाम और अधिक प्रभावी बनें।

हाईपेक तकनीक के लाभ

कीमोथैरेपी दवा के सीधे रोग स्थान पर पहुँचने से ज्यादा असर और कम साइड-इफेक्ट मिलता है। बताया गया कि यह तकनीक कई प्रकार के पेट से जुड़े कैंसरों (जैसे कोलन, ओवरी, एपेंडिक्स आदि) में प्रयुक्त होती है तथा आवश्यकता अनुसार प्लूरल कैविटी और लिम्ब में भी इसका प्रयोग किया जा सकेगा । यह फिर से रोग लौटने की संभावना को कम करने में सहायता करती है।

गरम दवा (लगभग 42 डिग्री सेल्सियस) से दवा का प्रभाव और ऊतकों में पैठ बढ़ती है, जिससे बेहतर नतीजे मिलते हैं। पूर्वांचल क्षेत्र में इस तरह की कोई भी मशीन पहले कभी नहीं रही है तथा पूर्वांचल क्षेत्र में अपनी तरह की पहली अत्याधुनिक मशीन है। चिकित्सीय क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाएगी और स्थानीय मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार की सुविधा प्रदान करेगी। यह उपलब्धि न केवल उन्नत स्वास्थ्य सेवा का प्रतीक है, बल्कि कैंसर रोगियों के लिए आशा, विश्वास और बेहतर उपचार के नए अवसरों का मार्गदर्शक भी है।