योगी सरकार के जनहित बजट में शिक्षा और कृषि को प्राथमिकता, विकास योजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

अनुपूरक बजट 2026-27 में शिक्षा, कृषि, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर विशेष फोकस, विधान परिषद में कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश

योगी सरकार के जनहित बजट में शिक्षा और कृषि को प्राथमिकता, विकास योजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ, 04 अगस्त । उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मानसून सत्र 2026 के दूसरे दिन मंगलवार को योगी सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। दोपहर 12:20 बजे सदन में पेश किए गए इस बजट में प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जनहित की योजनाओं को गति देने के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं।

सदन में अनुपूरक बजट के साथ कई महत्वपूर्ण अध्यादेश पारित किए गए और विभिन्न विभागों के प्रतिस्थापन विधेयक पटल पर रखे गए। कार्यवाही से पूर्व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने तारांकित प्रश्नों एवं विभागीय विषयों की समीक्षा कर किसानों को समय पर खाद, बीज व सिंचाई उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सभापति कुंमवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि नेता सदन जनसमस्याओं के समाधान के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी की वेतन विसंगति, मूंगफली किसानों को राहत और शाह आलम नदी की बाढ़ समस्या के निराकरण हेतु सरकार को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि 2017 से पहले परिषदीय विद्यालयों की स्थिति दयनीय थी। डबल इंजन सरकार में निपुण भारत मिशन, डिजिटल शिक्षा और मानव संपदा पोर्टल से शिक्षा की गुणवत्ता सुधरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई विद्यालय बंद नहीं किया गया, केवल बेहतर मॉनिटरिंग के लिए मर्जर किया गया है। विपक्ष के प्रदर्शन पर सरकार ने कहा कि 8 वर्षों में प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ और 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। सरकार ने आश्वस्त किया कि अनुपूरक बजट का प्रत्येक रुपया पारदर्शिता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।