प्रयागराज समेत प्रदेश में अगले सात दिन बारिश के आसार, 27 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी

प्रयागराज समेत प्रदेश में अगले सात दिन बारिश के आसार, 27 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी

प्रयागराज समेत प्रदेश में अगले सात दिन बारिश के आसार, 27 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी


प्रयागराज, 27 अगस्त । उत्तर प्रदेश में आगामी सात दिनों के मध्य हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। ऐसा गुरुवार को मौसम विभाग की ओर से

जारी सात दिवसीय पूर्वानुमान है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रयागराज पूर्वी उत्तर प्रदेश का हिस्सा होने के कारण यहां भी मौसम पर इसका असर पड़ सकता है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 से 30 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। 31 अगस्त से दो सितंबर तक भी कई स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज बारिश होने के आसार हैं।

27 अगस्त को भारी बारिश को लेकर सतर्कता

मौसम विभाग ने 27 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी बारिश और कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई है। 28 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 अगस्त को किसी विशेष चेतावनी का उल्लेख नहीं किया गया है। 31 अगस्त, एक और दो सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मानसून अभी सक्रिय, उमस से मिलेगी राहत

कानपुर चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां अभी बनी हुई हैं। अगले सात दिनों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का क्रम जारी रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

उन्होंने कहा कि बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लोग खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आने के साथ लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश के बीच कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए स्थानीय स्तर पर सावधानी जरूरी है।