बुलंदशहर में सपा की जनसभा की अनुमति नहीं मिलने पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला, बोले- ‘तानाशाही नहीं चलेगी’
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बुलंदशहर में पार्टी के कार्यक्रम की अनुमति प्रशासन ने नहीं दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने 2027 चुनाव के लिए जिलावार घोषणा पत्र और आकाश आनंद से जुड़े सवाल पर भी अपनी बात रखी।
लखनऊ, 10 सितंबर । समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुलंदशहर में सपा की जनसभा की अनुमति नहीं मिलने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को जिम्मेदार बताया। गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर प्रशासन सपा के कार्यक्रमों की अनुमति रोक रहा है।
उन्होंने कहा कि बुलंदशहर में पार्टी के सावन में प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए अधिकारियों ने पहले अनुमति का आश्वासन दिया, बाद में सावन का महीना होने के कारण तारीख आगे बढ़ाने को कहा गया। सपा ने कार्यक्रम आगे बढ़ाया, लेकिन इसके बाद भी अनुमति नहीं दी गई।
अखिलेश ने कहा कि बाद में पुलिस लाइन में पानी भरे होने की बात कही गई। उन्होंने तंज किया कि “मैंने समझा शायद काली नदी की बाढ़ आ गई।” अखिलेश ने पुलिस लाइन का वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि वहां पानी नहीं था।
स्पा अध्यक्ष ने कहा कि “लोकतंत्र में इतनी खराब सरकार किसी ने नहीं देखी होगी, जहां अधिकारों को छीना जा रहा हो।” उन्होंने कहा कि “न तानाशाही रही, न दानाशाही रहेगी।”
हर जिले के मुद्दों पर बनेगा घोषणा पत्र
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अखिलेश ने कहा कि सपा प्रदेश के लिए घोषणा पत्र जारी करने के साथ जिलावार घोषणा पत्र भी तैयार करेगी। इसमें प्रत्येक जिले के स्थानीय मुद्दों और जरूरतों को प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समस्याओं के साथ स्थानीय स्तर के मुद्दों को भी चुनावी एजेंडे में शामिल किया जाएगा।
अखिलेश ने भाजपा पर आरक्षण के खिलाफ होने का आरोप लगाया। लखीमपुर के विकास को लेकर उन्होंने सरकार बनने पर पुल और घाटों का निर्माण कराने तथा दुधवा नेशनल पार्क और पीलीभीत के जंगल को एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर सभी को मुफ्त इलाज मिलेगा और इलाज के लिए किसी का कार्ड नहीं देखा जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब अखिलेश यादव से आकाश आनंद को समाजवादी पार्टी में शामिल किए जाने के संबंध में सवाल पूछा गया तो उनके जवाब के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गईं।
हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से आकाश आनंद को पार्टी में शामिल करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आकाश आनंद की अगली राजनीतिक राह और यूपी की सियासत में उसके असर पर सबकी नजर बनी हुई है।