प्रयागराज मंडल में 4,832 जल नमूनों की जांच, यात्रियों के पेयजल की गुणवत्ता पर रेलवे की नजर

26 अगस्त से 17 अक्टूबर तक हुई जांच में क्लोरीन, बैक्टीरिया और रासायनिक मानकों की पड़ताल; स्टेशनों पर वाटर कूलर और पानी की टंकियों की सफाई पर भी जोर

प्रयागराज मंडल में 4,832 जल नमूनों की जांच, यात्रियों के पेयजल की गुणवत्ता पर रेलवे की नजर

प्रयागराज, 18 अक्टूबर 

यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 26 अगस्त से 17 अक्टूबर 2026 तक कुल 4,832 जल नमूनों की जांच की गई। इनमें 4,436 नमूनों की अवशिष्ट क्लोरीन, 377 की बैक्टीरियोलॉजिकल और 19 की रासायनिक जांच शामिल है। रेलवे स्टेशनों और अन्य परिसरों में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी की जा रही है।

मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत पेयजल की शुद्धता, स्वच्छता और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि यात्रियों के स्वास्थ्य और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पेयजल की नियमित जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य जलापूर्ति व्यवस्था की गुणवत्ता पर नजर रखना और किसी भी संभावित कमी की समय रहते पहचान कर आवश्यक सुधार करना है।

क्लोरीन और रासायनिक मानकों की हो रही जांच

रेलवे के जांच अभियान में पेयजल में अवशिष्ट क्लोरीन की मात्रा का परीक्षण किया जा रहा है। इससे जल के क्लोरीनीकरण की स्थिति का पता चलता है। इसके साथ ही बैक्टीरियोलॉजिकल जांच के माध्यम से पानी में सूक्ष्मजीवों की मौजूदगी और रासायनिक जांच के जरिए निर्धारित रासायनिक मानकों का आकलन किया जाता है।

वाटर कूलर और टंकियों की सफाई पर जोर

पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रेलवे स्टेशनों पर लगे नलों, वाटर कूलरों और जल भंडारण टंकियों की स्वच्छता तथा रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। टंकियों की निर्धारित अंतराल पर सफाई, पेयजल स्रोतों के आसपास स्वच्छता और जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय किया जा रहा है।

जांच के दौरान गुणवत्ता मानकों में किसी प्रकार की कमी सामने आने पर आवश्यक सुधारात्मक और निवारक कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

यात्रियों का स्वास्थ्य प्राथमिकता

जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना मंडल की प्राथमिकता है। इसके लिए पेयजल की नियमित जांच, स्वच्छता और सतत निगरानी जरूरी है। रेलवे का प्रयास है कि यात्रियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो और उनकी यात्रा सुरक्षित, सुविधाजनक तथा स्वास्थ्य के अनुकूल बने।