प्रयागराज में मां कल्याणी देवी ने शैलपुत्री स्वरूप में दिए दर्शन, मंगला आरती के साथ नवरात्र शुरू
वृषभ पर सवार मां का स्वर्ण-रजत आभूषणों और पुष्पों से हुआ भव्य श्रृंगार, मंदिर में उमड़े हजारों श्रद्धालु; नवरात्र भर चलेगा शतचंडी महायज्ञ
प्रयागराज, 11 अक्टूबर। संगमनगरी प्रयागराज में शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र महोत्सव का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटा-घड़ियाल की मधुर ध्वनि के बीच मां की मंगला आरती के साथ हुआ। प्रातः 5:15 बजे आरती के बाद से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। हजारों भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। पहले दिन मां कल्याणी देवी ने भगवती शैलपुत्री के दिव्य स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए।
मध्यान्ह दो बजे के बाद मां के महाभोग का षोडशोपचार पूजन किया गया। इसके पश्चात मां का भव्य श्रृंगार किया गया। मां वृषभ पर आरूढ़ थीं और उनके हाथों में त्रिशूल तथा कमल पुष्प सुशोभित थे। स्वर्ण एवं चांदी के आभूषणों के साथ बेला, गुलाब और गेंदा के पुष्पों से मां का मनोहारी श्रृंगार किया गया। सायं सात बजे पं. सुशील कुमार पाठक ने मां की महाआरती उतारी। आरती के समय श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से मां की आराधना की।
सायं छह बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति, आरोग्य और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर के साथ बाहर के मार्ग पर भी आकर्षक विद्युत सज्जा की गई है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा।
नवरात्र भर चलेगा शतचंडी महायज्ञमंदिर के महामंत्री पं. श्याम जी पाठक ने बताया कि नवरात्र के प्रथम दिन मां की मंगला आरती, महारुद्राभिषेक और शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया। पं. संतोष कुमार मिश्र के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों ने विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराया। यज्ञ प्रातः आठ से 11 बजे और सायं चार से 6:30 बजे तक हुआ। यह धार्मिक अनुष्ठान पूरे नवरात्र चलेगा।
पं. सुशील कुमार पाठक ने बताया कि यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। कई भक्तों ने मां के मंदिर परिसर में अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया।
द्वितीय दिन मां ब्रह्मचारिणी स्वरूप में देंगी दर्शनमीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को मां कल्याणी देवी का श्रृंगार भगवती ब्रह्मचारिणी के स्वरूप में किया जाएगा। इस स्वरूप में मां तप मुद्रा में खड़ी होंगी और उनके हाथों में कमंडल तथा जपमाला सुशोभित होगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से मां के दर्शन-पूजन कर नवरात्र महोत्सव में सहभागी बनने की अपील की।