पट्टे को 34 साल बाद चुनौती, याचिका खारिज

पट्टे को 34 साल बाद चुनौती, याचिका खारिज

पट्टे को 34 साल बाद चुनौती, याचिका खारिज

प्रयागराज, 23 अक्टूबर। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ग्राम सभा की जमीन के 1988 में हुए पट्टे को 2022 में चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यूपी राजस्व संहिता 2006 की धारा 128(1-ए) में साफ लिखा है कि आवंटन की तारीख से पांच साल के भीतर शिकायत करनी होगी। याची ने 34 साल बाद शिकायत की है, जो मियाद से बाहर है। साथ ही याची यह भी नहीं बता सका कि वह किस हैसियत से जमीन पर काबिज है, जबकि पक्षकार आपस में सगे संबंधी हैं। इतवारी लाल की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र ने दिया। याची ने 2022 में शिकायत की कि प्राइवेट प्रतिवादियों के पक्ष में 1988 में किया गया पट्टा अवैध है। इसे रद्द किया जाए। इस शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई। एडीएम (वित्त एवं राजस्व), एटा ने शिकायत को मियाद के आधार पर खारिज कर दिया। रिवीजन भी कमिश्नर ने खारिज कर दिया। इन्हीं दोनों आदेशों को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी।