प्रयागराज में दहेज हत्या के दोषी पति और ससुर को 14-14 साल की सजा, गर्भस्थ शिशु की भी हुई थी मौत

खीरी थाना क्षेत्र के मामले में विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए न्यायालय का फैसला; ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी से मिली सजा

प्रयागराज में दहेज हत्या के दोषी पति और ससुर को 14-14 साल की सजा, गर्भस्थ शिशु की भी हुई थी मौत

प्रयागराज, 23 अक्टूबर । दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने और उसकी हत्या करने के मामले में गुरुवार को पति और ससुर को अदालत ने कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज के यमुनानगर जोन के खीरी थाने से जुड़े इस मामले में विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए, प्रयागराज की अदालत ने दोनों दोषियों को दहेज मृत्यु के मामले में 14-14 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया। महिला की हत्या के समय उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मृत्यु हो गई थी।

पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने बताया कि खीरी थाना क्षेत्र के तेंदुआ खुर्द निवासी विकास सिंह और उसके पिता धीरेन्द्र सिंह के खिलाफ 20 नवंबर 2023 को मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 304बी, 316, 302 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत आरोप लगाए गए थे। विवेचना पूरी होने के बाद 29 फरवरी 2024 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।

अदालत ने अलग-अलग धाराओं में सुनाई सजा

अभियोजन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर गवाहों की समयबद्ध गवाही और प्रभावी पैरवी की गई। इसके बाद 22 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए, प्रयागराज की अदालत ने विकास सिंह और धीरेन्द्र सिंह को दोषसिद्ध ठहराते हुए सजा सुनाई।

अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304बी के तहत 14-14 वर्ष का कठोर कारावास, धारा 316 के तहत सात-सात वर्ष का कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 498ए के तहत तीन-तीन वर्ष का कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत एक-एक वर्ष का कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी

पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में विवेचना के बाद समय से आरोपपत्र दाखिल किया गया और अभियोजन विभाग के साथ समन्वय बनाकर गवाहों की गवाही तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध और दहेज उत्पीड़न के मामलों में पुलिस की ओर से कानूनी कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।