प्रयागराज में 3 वर्षीय बच्ची से यौन उत्पीड़न का आरोप, कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया
प्रयागराज: 3 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न का आरोप, आरोपी हिरासत में
प्रयागराज: प्री-स्कूल में 3 वर्षीय बच्ची से यौन उत्पीड़न का मामला, आरोपी हिरासत में; पुलिस की जांच तेज
प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज के कैंट थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर और अभिभावकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। यहाँ एक प्रतिष्ठित प्री-स्कूल में पढ़ने वाली महज तीन वर्षीय मासूम के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
घटना का विवरण
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 22 अगस्त 2026 की है। पीड़िता की मां ने कैंट थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उनकी तीन वर्षीय बेटी के साथ स्कूल के भीतर ही यौन उत्पीड़न की घटना को अंजाम दिया गया है। बच्ची के व्यवहार में आए बदलाव और उसकी आपबीती सुनने के बाद परिजनों के होश उड़ गए। मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं (पॉक्सो एक्ट सहित) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और साक्ष्य संकलन
घटना के सामने आते ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया। जांच अधिकारी ने तत्काल स्कूल पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में लिया है, ताकि घटना के स्पष्ट साक्ष्य जुटाए जा सकें।
जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और संवेदनशील बनाए रखने के लिए पुलिस ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
- मेडिकल परीक्षण: बच्ची की शारीरिक स्थिति और साक्ष्यों की पुष्टि के लिए उसका तत्परता से मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
- काउंसलिंग: इस दुखद घटना से बच्ची के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ा है। इसे ध्यान में रखते हुए, कैंट थाने की महिला हेल्प डेस्क प्रभारी द्वारा विशेष रूप से बच्ची की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की गई है, ताकि उसे इस आघात से उबारने के प्रयासों में मदद मिले।
- आरोपी की गिरफ्तारी: प्राथमिकी में नामजद आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े हर पहलू का खुलासा हो सके।
पुलिस का आधिकारिक बयान
पूरे मामले पर डीसीपी (नगर) ने जानकारी देते हुए कहा, "मामला अत्यंत गंभीर है और हमारी प्राथमिकता बच्ची को न्याय दिलाना है। हमने सभी तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटैज को सुरक्षित कर लिया है। नामजद आरोपी हिरासत में है और साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।"
गोपनीयता और संवेदनशीलता
कानूनी प्रावधानों और बच्ची की सुरक्षा व निजता को ध्यान में रखते हुए, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता की पहचान से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक करना कानूनन अपराध है। पुलिस ने आम जनता और मीडिया से भी अपील की है कि बच्ची की गरिमा को बनाए रखने के लिए संवेदनशील सूचनाओं को साझा करने से बचें।
फिलहाल क्षेत्र में तनाव का माहौल है और अभिभावकों ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कड़ी सुरक्षा की मांग की है। पुलिस मामले की गहनता से तहकीकात कर रही है ताकि जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जा सके।