अमेठी में 10.36 करोड़ से संवर रहा मलिक मोहम्मद जायसी स्मारक, 80 प्रतिशत काम पूरा
'पद्मावत’ के जरिए साहित्यिक विरासत से जुड़ेगी नई पीढ़ी
अमेठी, 01 सितंबर। सूफी संत एवं महान कवि मलिक मोहम्मद जायसी की साहित्यिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अमेठी स्थित मलिक मोहम्मद जायसी स्मारक एवं पार्क को सूफी-कबीर सर्किट के तहत आधुनिक पर्यटन एवं साहित्यिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से स्मारक के विकास के लिए 10.36 करोड़ रुपये की व्यापक पर्यटन विकास परियोजना पर कार्य कराया जा रहा है। परियोजना के लिए अब तक 9.15 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक परियोजना का काम अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है। परियोजना का उद्देश्य केवल स्मारक का सौंदर्यीकरण करना नहीं, बल्कि जायसी के जीवन और साहित्यिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।
अमेठी में जन्मे मलिक मोहम्मद जायसी उत्तर प्रदेश की साहित्यिक एवं सूफी परंपरा के प्रमुख कवियों में शामिल हैं। परियोजना के तहत मौजूदा शोध संस्थान को आधुनिक लाइब्रेरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह विद्यार्थियों, शोधार्थियों और साहित्य प्रेमियों के लिए जायसी के जीवन एवं उनकी साहित्यिक कृतियों को समझने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। परिसर में करीब 120 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम भी तैयार किया जा रहा है। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार और लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए जा सकेंगे। आगंतुकों की सुविधा और मनोरंजन के लिए परिसर में दो सामुदायिक पार्क, ओपन जिम, वॉकिंग एवं मेडिटेशन जोन, एक्यूप्रेशर शैली का कंकड़ मार्ग, पार्किंग, बड़ा प्रवेश द्वार और बच्चों के लिए प्ले एरिया विकसित किए जा रहे हैं।
परियोजना के तहत मलिक मोहम्मद जायसी पार्क को अमृत उद्यान की तर्ज पर आकर्षक और व्यवस्थित स्वरूप दिया जा रहा है। पार्क को लैंडस्केप एवं सममित डिजाइन के साथ विकसित किया जा रहा है। स्मारक लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है। इसकी दीवारों पर मलिक मोहम्मद जायसी के जीवन, साहित्यिक यात्रा और उनकी कालजयी रचनाओं को दर्शाने वाले कलात्मक भित्तिचित्र तैयार किए जा रहे हैं। इससे पर्यटकों को स्मारक के साथ-साथ जायसी के साहित्यिक योगदान को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उन महान संतों और कवियों की विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने देश की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध किया। उन्होंने कहा कि मलिक मोहम्मद जायसी परियोजना महान सूफी कवि की अमर साहित्यिक विरासत को संरक्षित करने के साथ सूफी-कबीर सर्किट को मजबूती देगी और युवा पीढ़ी को समृद्ध साहित्यिक परंपराओं से जोड़ेगी।
मंत्री ने बताया कि मलिक मोहम्मद जायसी की 16वीं शताब्दी की कालजयी रचना ‘पद्मावत’ भारतीय साहित्य की महत्वपूर्ण कृतियों में शामिल है। इसके बावजूद लंबे समय तक उनकी विरासत की अपेक्षित देखभाल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि मलिक मोहम्मद जायसी शोध संस्थान, जो कभी उपेक्षा के कारण अस्तबल के रूप में इस्तेमाल होने की स्थिति तक पहुंच गया था, अब सरकार के प्रयासों से एक आकर्षक पर्यटन एवं साहित्यिक स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यह परियोजना अमेठी की साहित्यिक विरासत को नई पहचान देने के साथ साहित्य, संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक सौहार्द को एक साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।