धर्म संस्कृति और संस्कार की रक्षा करने को करना होगा जागृत : अशोक तिवारी
धर्म संस्कृति और संस्कार की रक्षा करने को करना होगा जागृत : अशोक तिवारी
प्रयागराज, 25 जनवरी । धर्म संस्कृति और संस्कार की रक्षा के लिए जागृत करना, सभी हिंदू आपस में सहोदर भाई हैं, यह भाव जगाना है। यह बात रविवार को विहिप के माघ मेला शिविर में हुई बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने कही।
उन्होंने कहा कि भारत में उत्पन्न सभी मत, पंथ, संप्रदाय से संपर्क कर सभी सनातन भाइयाें काे लाेभ लालच से हमसे दूर गए, उनके घर वापसी हमारे कार्य का लक्ष्य होगा।
उन्होंने कहा कि आज धर्मांतरण, टूटते हुए परिवार एवं परिवारों में संस्कार का अभाव यह हमारी धर्म, संस्कृति एवं संस्कार पर हमला हैl आध्यात्मिक राष्ट्र में रहते हुए हम सबको अपनी गौरवशाली संस्कृति एवं पूरी दुनिया का कल्याण करने वाला धर्म और परोपकार की भावना रखने वाला संस्कार जीवित रखने के लिए हमें चिंतन करना है। एक स्वच्छ समाज हो,नागरिक कर्तव्य का पालन हो, राष्ट्र का संचालन धर्म आधारित हो इन्हीं विषयों पर तीन दिनों का चिंतन होगा।
विश्व हिंदू परिषद की अखिल भारतीय धर्म आचार्य संपर्क प्रमुखों की बैठक माघ मेला शिविर में आज प्रारंभ हुई। बैठक में सगठनात्मक 45 जिलों के धर्माचार्य संपर्क प्रमुख एवं संपर्क टोली के लोग उपस्थित हैंl
बैठक में विषय की प्रस्तावना रखते हुए अखिल भारतीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने बताया कि सोमवार को विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक एवं समापन अवसर पर केंद्रीय संरक्षक दिनेश चंद उपस्थित रहेंगे। रविवार को हुई बैठक में प्रमुख रूप से केंद्रीय प्रबंध समिति के सदस्य जीवेश्वर मिश्र , केंद्रीय सह मंत्री हरिशंकर , वीरेंद्र विमल ,जितेंद्र ,आद्या शंकर उपस्थित रहे।