महाराणा प्रताप के जीवन से हमें संघर्ष और समन्वय की मिलती है सीख : संजय सिंह
महाराणा प्रताप के जीवन से हमें संघर्ष और समन्वय की मिलती है सीख : संजय सिंह
सुलतानपुर, 09 मई ।उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर मे आम आदमी पार्टी (आआप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें संघर्ष और समन्वय की सीख मिलती है। उन्होंने बताया कि कैसे महाराणा प्रताप ने भीलों, लोहारों और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर मुगलों की विशाल सेना का मुकाबला किया था।
महाराणा प्रताप की जयंती समारोह का आयोजन नगर के एक सभागार में शनिवार को किया गया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे संबोधित किया । श्री सिह ने भारत की असली पहचान 'विविधता में एकता' को बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम इस देश और समाज को एकजुट रखने के लिए कार्य करेंगे। संजय सिंह ने महाराणा प्रताप की वीरता पर प्रसिद्ध पंक्तियां भी दोहराईं: "रणबीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था, राणा प्रताप के कोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।"
महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर शहर में एक शोभा यात्रा भी निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
परशुराम चौक चौराहे पर पदाधिकारियों ने मंत्रोच्चार के साथ शोभा यात्रा का स्वागत किया। क्षत्रिय कल्याण समिति के अध्यक्ष संजय सिंह ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। देव पुरोहित महासभा के संरक्षक अनिल द्विवेदी और अध्यक्ष आचार्य प्रवीण तिवारी सहित दर्जनों पदाधिकारियों ने भी शोभा यात्रा का स्वागत किया।
शोभायात्रा में शामिल पदाधिकारी छात्र-छात्राओं के बीच जलपान का वितरण करते दिखे। देव पुरोहित महासभा के आचार्यों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की। इस अवसर पर महासभा के संस्थापक अनिल द्विवेदी, अध्यक्ष आचार्य प्रवीण तिवारी, कोषाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी, संगठन मंत्री आचार्य अरुण तिवारी, महामंत्री सर्वेश मिश्रा, उपाध्यक्ष आचार्य अजय मिश्रा पवन, अभिषेक शुक्ला, आचार्य जितेंद्र मिश्रा और रितिक सिंह सहित कई सदस्य मौजूद रहे। शोभा यात्रा के दौरान भगवान जय श्री परशुराम और महाराणा प्रताप के जयकारे लगाए गए।