वाराणसी: बीएचयू के स्वास्थ्य मेले में ‘काशी के रत्नों’ की झांकी सजेगी

17 नवम्बर से दो दिवसीय मेला, 20 स्कूलों के छात्र भी होंगे शामिल

वाराणसी: बीएचयू के स्वास्थ्य मेले में ‘काशी के रत्नों’ की झांकी सजेगी

वाराणसी, 12 नवम्बर  उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के वार्षिकोत्सव और स्वास्थ्य मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. एस. एन. शंखवार ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मेला के सह संयोजक वैद्य सुशील कुमार दूबे ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय स्वास्थ्य मेला 17 नवम्बर से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान संस्थान एकीकृत चिकित्सा (इंटीग्रेटिव मेडिसिन) के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इसी उद्देश्य से मेले में लगभग 60 काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जहां विभिन्न चिकित्सा सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. टी. पी. चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार मेले का प्रवेश द्वार चिकित्सा विज्ञान संस्थान का मेन गेट होगा। प्रवेश द्वार पर ही जनता को सभी सुविधाओं की जानकारी विभिन्न माध्यमों से दी जाएगी। वहीं प्रो. भुवाल राम ने बताया कि आम जनता को चिकित्सा विधियों की जानकारी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी दी जाएगी।

संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता ने बताया कि अब तक 20 स्कूलों के छात्र मेले में भाग लेने की इच्छा जता चुके हैं। मेले में चारों चिकित्सा विधाओं — चिकित्सा, शोध, प्रशिक्षण एवं नर्सिंग प्रवीणता — का संगम देखने को मिलेगा। विशेषज्ञ इन क्षेत्रों की उपयोगी जानकारियां आम जनता तक पहुंचाएंगे।

उन्होंने बताया कि इस बार मेले का एक विशेष आकर्षण ‘काशी के रत्नों’ की झांकी होगी, जो छात्रों और आगंतुकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। कार्यक्रम के दौरान 43 सेवानिवृत्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मियों को सम्मानित भी किया जाएगा। वार्षिकोत्सव के तहत आयोजित एनुअल एथलेटिक मीट में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया ।