भारत माता के प्रति आस्था और संकल्प का उद्घोष है वंदे मातरम् : केशव प्रसाद मौर्य

भारत माता के प्रति आस्था और संकल्प का उद्घोष है वंदे मातरम् : केशव प्रसाद मौर्य

भारत माता के प्रति आस्था और संकल्प का उद्घोष है वंदे मातरम् : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 23 दिसम्बर । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को विधान परिषद में भारत के राष्ट्र गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के सम्बंध में नियम 59 (9) के अन्तर्गत प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि वंदे मातरम आजादी का महामंत्र था। विधान परिषद में वंदे मातरम राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर चर्चा में उन्हाेंने कहा कि 1875 में अक्षय नवमी के दिन बंकिम चंद्र चटर्जी ने वंदे मातरम गीत की रचना की थी। 2025 में भारत के ऐतिहासिक एवं गौरवशाली राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे हुए हैं। वन्देमातरम् भारत की शास्वत चेतना है। वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, भारत माता के प्रति आस्था और संकल्प का उद्घोष हैवंदे मातरम स्वतंत्रता सेनानियों के लिए एक आध्यात्मिक शक्ति, मातृभूमि के प्रति समर्पण व विदेशी शक्तियों के खिलाफ प्रेरणा का एक चित्रण बन गया था और गहरी देशभक्ति को जन्म दिया था। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने 565 रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाया था। सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया। हर घर तिरंगा फहराकर दिखा दिया गया कि एक भारत है -श्रेष्ठ भारत है । यह वंदे मातरम के साथ चलने वाला भारत है। भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जन्म जयंती है। उन्हाेंने कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई का भी जन्म शताब्दी वर्ष है, इन सभी महापुरूषो मैं श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

उन्होंने कहा वन्देमातरम के 150 वर्षगांठ के अवसर पर हमारे सामने विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का बनाने का लक्ष्य और इस दिशा में हम तेजी से काम करेंगे, यही वंदे मातरम है। नेता सदन ने कहा कि वंदे मातरम आनंदमठ की आत्मा है।आजादी के आंदोलन का महामंत्र है। वन्देमातरम भारत की शास्वत चेतना है। अयोध्या में रामलला का मंदिर बन गया,यह राम मंदिर ही नहीं राष्ट्र मंदिर है और राष्ट्र मंदिर का निर्माण होना भी वंदे मातरम है। प्रयागराज कुंभ में 65 करोड लोगों ने डुबकी लगाई, यही वंदे मातरम है। देश मे 10 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस के कनेक्शन दिए गए, हर गांव में शौचालय दिए गए,आयुष्मान कार्ड दिए गए, दिवाली व होली में गरीबों को सरकारी खजाने से गैस दी गई,यही वंदे मातरम है।स्वच्छ भारत अभियान भी वंदे मातरम है। वन्देमातरम वर्तमान का भी महामंत्र है, भविष्य का भी यही महामंत्र है, आने वाली पीढियां का भी महामंत्र है।

उन्होंने यह गीत पढ़ा -

राष्ट्र की जन चेतना का गान वंदे मातरम् राष्ट्रभक्ति प्रेरणा का गान वंदे मातरम्

बंशी के बहते स्वरों का प्राण वंदे मातरम्

शंख के संघोष का संदेश वंदे मातरम्

दिव्य गीता ज्ञान का संगीत वंदे मातरम्

वीर पुत्रों की अमर ललकार वंदे मातरम्

वंदे मातरम राष्ट्रगीत है, उसे गाना गर्व की बात है। सुभाष चंद्र बोस ने मंत्र दिया था - तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा, यह प्रेरणा वंदे मातरम से मिली। देश प्रगति कर रहा है। देश दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत विश्व का सबसे सफल लोकतंत्र है। हमें विकसित भारत व विकसित उत्तर प्रदेश बनाना है, तो वंदे मातरम् गाना है। वंदे मातरम् के टुकड़े नहीं होते, तो देश के टुकड़े नहीं होते। जम्मू कश्मीर से मोदी जी के नेतृत्व में धारा 370 व 35 - ए हटाई गई, यही वंदे मातरम है। रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा गया यह वंदे मातरम् राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर देता है।