अब एआई से जुड़ेंगे उप्र के पशुपालक किसान , भ्रष्टाचार मिटाने का सरकार ने उठाया एक और कदम

पशुपालकों से अपील पशुपालन विभाग का करें सहयोग : डॉ शिवनाथ यादव

अब एआई से जुड़ेंगे उप्र के पशुपालक किसान , भ्रष्टाचार मिटाने का सरकार ने उठाया एक और कदम

प्रयागराज, 05 फ़रवरी। प्रदेश की योगी सरकार ने पशुपालन विभाग एवं पशुपालकों को एआई के माध्यम से जोड़कर भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा एवं मजबूत कदम उठाया है। पशुपालकों से अपील है कि पशुपालन विभाग के कर्मचारियों का सहयोग करें और अपना वही मोबाइल नम्बर दें जो आधार कार्ड से जुड़ा हुआ है। जिससे ओटीपी आने में कोई समस्या न आए। यह गजानकारी गुरुवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ शिवनाथ यादव ने दी।

उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग ने एआई का प्रयोग करके पशुपालकों का डिजिटल डाटा तैयार करने का कार्य शुरू किया है। इस डिजिटल योजना से पशु पालकों का सही डाटा तैयार होने के साथ ही भ्रष्टाचार का रास्ता पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। डॉ शिवनाथ यादव ने बताया कि अब टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान एआई सेवाओं की नई व्यवस्था शुरू की गई है। सरकार पशुओं के टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान एआई सेवाओं का प्रयोग करके अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था ला रही है। इस नई व्यवस्था के तहत आवश्यकता पड़ने पर पशुपालन विभाग से कर्मचारी किसान भाई बहनों के पास पहुंचेगे और आप से आधार नम्बर एवं मोबाइल नम्बर मांग सकते हैं। इस व्यवस्था के तहत आपके पशुओं का रिकॉर्ड सही रहे और पशुपालकों को समय से बेहतर सेवाएं मिल सकें, ऐसा सरकार प्रयास कर रही है।पशु पालक भाई बहन जाने कैसे काम करेगी नई डिजिटल व्यवस्था उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग और डेरी विभाग को बताया कि कई पुराने रिकॉर्ड में पशु मालिक की ही पूरी जानकारी नहीं है, इस लिए अब जिन रिकार्ड में जानकारी खाली है उनमें आधार नम्बर और मोबाइल देना अनिवार्य कर दिया गया है।पशु पालक एक आधार नम्बर केवल एक ही पशुपालक से जुड़ सकता है ताकि रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न हो सके।जब पशुपालन विभाग के फील्ड कर्मचारी आप से इस संबंध में जानकारी मांगें तो सही विवरण आवश्य प्रदान करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आप के पशुओं से जुड़ी हर सेवा सही व्यक्ति के नाम पर दर्ज हैं।15 फरवरी से पशुओं में टीकाकरण के बाद वन टाइम पासवर्ड ओटीपी साझा करना जरूरी होगा। जब आपके पशु का टीकाकरण होगा तो पशुपालक के मोबाइल पर एक ओटीपी जाएगी। जिसका प्रयोग वन टाइम होगा। यह ओटीपी सिर्फ पशुपालन विभाग के आए टीका कर्मी को बताना होगा। ध्यान देने की बात है और आवश्यक अपील भी है कि फोन पर अनजान व्यक्ति को ओटीपी नम्बर नहीं देना है और न ही बताना है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि टीकाकरण वास्तव में आपके पशु को ही लगा है। इसके साथ ही यह भी निर्धारित होगा दर्ज किया गया रिकॉर्ड सही है।