कपड़े के झोले के प्रयोग से कम होगा प्लास्टिक कचरा : महापौर

चिंतन संस्था ने किया चित्रगुप्त वार्ड में डस्टबिन एवं कपड़े के झोले का वितरण

कपड़े के झोले के प्रयोग से कम होगा प्लास्टिक कचरा : महापौर

कपड़े के झोले के प्रयोग से कम होगा प्लास्टिक कचरा : महापौर


अयोध्या, 31 जनवरी । स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिक सहभागिता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चित्रगुप्त वार्ड में डस्टबिन एवं कपड़े के झोले वितरण कार्यक्रम का आयोजन रायबरेली रोड स्थित मंगलम गेस्ट हाउस में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन चिंतन इन्वायरमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप ने एसबीआई फाउंडेशन, एसबीआई कंजर्व तथा नगर निगम के सहयोग से किया।

मुख्य अतिथि महापाैर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि कपड़े के झोलों का उपयोग न केवल प्लास्टिक प्रदूषण को कम करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में व्यवहारिक समाधान भी प्रस्तुत करता है। उन्होंने रंग आधारित डस्टबिन प्रणाली पर विशेष जोर देते हुए कहा कि गीला कचरा हरे डस्टबिन तथा सूखा कचरा नीले डस्टबिन में डालने से कचरा प्रबंधन की पूरी श्रृंखला सरल, वैज्ञानिक और प्रभावी बनती है।

महापौर ने कहा कि स्रोत पर कचरा पृथक्करण से ही अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ नगर के रूप में विकसित किया जा सकता है। इस कार्य में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम में पार्षद प्रतिनिधि निखिल श्रीवास्तव एवं अभिषेक सिंह टोनू ने भी स्वच्छता अभियानों को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आरएम शुक्ल ने बताया कि कचरा पृथककरण से बीमारियों की रोकथाम में सहायता मिलती है। प्रभारी अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन गुरु प्रसाद पांडेय ने कहा कि यह पहल स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की मूल भावना, व्यवहार परिवर्तन और नागरिक सहभागिता को ज़मीन पर उतारने का सशक्त उदाहरण है।चिंतन इन्वायरमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप की ओर से आलोक सिंह राना एवं एकता भटनागर ने कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय किया। संस्थान की टीम से विमल कुमार, सुलभ मिश्र, आदर्श, नेहा एवं सुंदरी कुमारी की सक्रिय भागीदारी रही।