यूपी एटीएस ने जौनपुर जिला जज और पुलिस लाइन गेट को उड़ाने वाले को गिरफ्तार किया

यूपी एटीएस ने जौनपुर जिला जज और पुलिस लाइन गेट को उड़ाने वाले को गिरफ्तार किया

यूपी एटीएस ने जौनपुर जिला जज और पुलिस लाइन गेट को उड़ाने वाले को गिरफ्तार किया

उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने जौनपुर जिला कोर्ट और पुलिस लाइन को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपित को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया है। आरोपित ने प्रेमिका के मंगेतर काे फंसाने के उद्देश्य से यह याेजना बनायी थी। उसने वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का पेड वर्जन प्रयोग करते हुए अलग-अलग लोगों से वाईफाई कनेक्शन लेकर यह मैसेज जिला जज के सरकारी ईमेल आईडी से भेजी थी।

एटीएस ने रविवार को जारी विज्ञप्ति में बताया कि 17 फरवरी को जिला जज के सरकारी ई-मेल आईडी पर अलग अलग कुल पांच ई-मेल आईडी से जौनपुर न्यायालय परिसर एवं पुलिस लाइन गेट को उड़ाने की धमकी मिली थी। मेल में मुख्यमंत्री से एक लाख रुपये भिजवाने की बात लिखी थी। इस मामले में लाइन बाजार थाना में मुकदमा दर्ज किया।

इस प्रकरण की जांच कर रही एटीएस ने आजमगढ़ के बक्शपुर निवासी विशाल रंजन को गिरफ्तार किया। आरोपित किराये मकान में रहता है। तलाशी के दौरान कमरे से पांच मोबाइल और लैपटॉप बरामद हुआ। मोबाइल की जांच में पाया गया कि 17 फरवरी को जिन ई-मेल आईडी का प्रयोग कर धमकी दी गयी थी। उन नामों से एवं अन्य अलग-अलग नामों से प्रोटॉन मेल, जीमेल, आउट लुक की लगभग 50 ई-मेल आईडी प्राप्त हुई एवं अलग-अलग नामों से लगभग 20 फेसबुक आईडी मिली।

सोशल मीडिया से महिलाओं की तस्वीरें डाउनलोड कर अश्लील कंटेट भी तैयार किया गया प्राप्त हुआ है। साथ ही आजमगढ़ रोडवेज को बम से उड़ाने सम्बन्धित मैसेज तैयार किया गया था, जिसमें जौनपुर कचहरी उड़ाने सम्बन्धित धमकी भरे प्राप्त मेल में अंकित मोबाइल नम्बरों को दर्ज किया गया था।

पूछताछ में आरोपित विशाल ने बताया कि वह जिस लड़की से प्रेम करता है उसकी शादी जौनपुर के एक लड़के से तय हो गयी। वह नहीं चाहता था कि उस लड़की की कही भी शादी तय की जाए। जिस लड़के से शादी तय हुई थी विशाल ने उसकी फर्जी आईडी बनाकर आपत्ति जनक पोस्ट किया था।

मामला उजागर हाेने पर गांव में हुई पंचायत में विशाल काे सभी से माफी मांगनी पड़ी थी। इसके बाद से ही वह उन लाेगाें से बदला लेना चाहता था। याेजना के तहत उसने प्रेमिका के मंगेतर और पंचायत में शामिल लाेगाें के नंबर काे हासिल कर लिया। इसके बाद उनके नाम से फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर और उनके मोबाइल नंबरों का प्रयोग कर जौनपुर न्यायालय परिसर एवं पुलिस लाइन गेट को बम से उड़ाने की धमकी दी थी, ताकि पुलिस उन सभी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दे और उसका बदला पूरा हो सके।