दुष्कर्म और अपहरण मामले में दो दाेषियाें काे हुई 10 साल की सश्रम सजा
दुष्कर्म और अपहरण मामले में दो दाेषियाें काे हुई 10 साल की सश्रम सजा
प्रयागराज, 29 मई । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित उतरांव थाने की पुलिस टीम के प्रभावी पैरवी के चलते शुक्रवार को जिला न्यायालय एफटीसी कक्ष संख्या-02 प्रयागराज ने दुष्कर्म एवं अपहरण मामले के दो अभियुक्तों को सश्रम कारवास एवं अर्थदंड की सजा से दण्डित किया। यह जानकारी पुलिस उपायुक्त गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने दी।
उन्होंने बताया कि “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत एक बड़ी सफलता मिली है। गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी पैरवी के चलते दुष्कर्म, अपहरण और धमकी के मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के विरुद्ध प्रयागराज पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है और अपराधियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाना प्राथमिकता है।
न्यायालय एफटीसी कक्ष संख्या-02 प्रयागराज ने थाना उतरांव में दर्ज मुकदमा संख्या 142/2024 धारा 366/376/506 भादवि में सुनवाई करते हुए अभियुक्त सचिन कनौजिया उर्फ पुत्तन डान को धारा 376 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं दूसरे अभियुक्त रत्नेश प्रकाश को धारा 366 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 506 में 2 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया ।
पुलिस के अनुसार दोनों अभियुक्त थाना उतरांव क्षेत्र के डुढुआ गांव के निवासी हैं। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों को मजबूती से न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।
डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने कहा कि पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत गंभीर अपराधों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रयागराज पुलिस अपराधियों को सजा दिलाने के लिए लगातार प्रभावी पैरवी कर रही है।
मामले में प्रभावी पैरवी एडीजीसी मृत्युंजय त्रिपाठी ने की। पुलिस टीम में थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह, महिला हेड कांस्टेबल सीमा, पैरोकार कांस्टेबल रामबिलाश चौहान सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।