ग्वालियर में फौती नामांतरण प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण हेतु विशेष अभियान: कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर पटवारी कर रहे बी-1 का वाचन
ग्वालियर में फौती नामांतरण प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण हेतु विशेष अभियान: कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर पटवारी कर रहे बी-1 का वाचन
ग्वालियर, 16 जुलाई ग्वालियर जिले में भू-अभिलेखों के शुद्धिकरण और नागरिकों को उनके कानूनी हक दिलाने के उद्देश्य से, फौती नामांतरण (उत्तराधिकार के आधार पर भूमि स्वामित्व का हस्तांतरण) के लंबित प्रकरणों के त्वरित और व्यापक निराकरण के लिए एक विशेष और सक्रिय अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जिले के सभी गाँवों में "ढूँढ-ढूँढकर" फौती नामांतरण प्रकरणों की पहचान करने और उनका निराकरण सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
इस सिलसिले में, जिला कलेक्टर रुचिका चौहान ने समस्त राजस्व अधिकारियों और पटवारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उनके निर्देशों के पालन में, जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में भू-अभिलेखों के सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों में से एक 'बी-1' का पटवारियों द्वारा सार्वजनिक रूप से वाचन किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि गाँववासी स्वयं इस प्रक्रिया में भाग लेकर यह पहचान कर सकें कि किन-किन परिवारों में किसी सदस्य की मृत्यु के बाद भूमि का नामांतरण अभी तक नहीं हुआ है, और वे तत्काल इसकी जानकारी देकर लंबित प्रकरणों को चिन्हित करवा सकें। यह तरीका न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को भी बढ़ावा देता है।
अभियान के तहत, बुधवार को भी जिले के विभिन्न राजस्व अनुविभागों जैसे डबरा, भितरवार और घाटीगाँव के कई ग्रामों में पटवारियों द्वारा बी-1 का वाचन सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया। यह दर्शाता है कि यह कार्यक्रम पूरे जिले में व्यापक स्तर पर क्रियान्वित किया जा रहा है।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक फौती नामांतरण के शत-प्रतिशत लंबित प्रकरणों का निराकरण नहीं हो जाता, तब तक बी-1 वाचन का यह कार्य निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्य की प्रगति की निगरानी के लिए भी पुख्ता व्यवस्था की है। कलेक्टर ने जिले के सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों (SDROs) से ग्राम पंचायतवार बी-1 वाचन के लिए निर्धारित की गई विस्तृत समय-सारणी भी तलब की है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को इस महत्वपूर्ण बी-1 वाचन कार्य का लगातार और सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही या अनियमितता न हो और प्रकरणों का निराकरण पूरी पारदर्शिता और दक्षता के साथ हो सके।
यह अभियान न केवल भूमि अभिलेखों को अद्यतन करने में मदद करेगा, बल्कि ग्रामीणों को भूमि संबंधी विवादों से मुक्ति दिलाने और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में भी सहायक होगा, जिनके लिए वैध भू-स्वामित्व आवश्यक है। यह प्रशासन की जन-कल्याण और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।