कांवड़ यात्रा पर एसएसपी की पैनी नजर, मंदिरों और मार्गों की सुरक्षा का लिया जायजा व अफसरों को दिए सख्त निर्देश

कांवड़ यात्रा पर एसएसपी की पैनी नजर, मंदिरों और मार्गों की सुरक्षा का लिया जायजा व अफसरों को दिए सख्त निर्देश

कांवड़ यात्रा पर एसएसपी की पैनी नजर, मंदिरों और मार्गों की सुरक्षा का लिया जायजा व अफसरों को दिए सख्त निर्देश

बरेली, 14 जुलाई  । श्रावण मास के पहले सोमवार को भोलेनाथ के भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजते शहर और देहात के रास्तों पर हजारों कांवड़िए जलाभिषेक के लिए निकले। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने खुद एसएसपी अनुराग आर्य मैदान में उतरे और तमाम अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

खुद मोर्चा संभालते दिखे एसएसपी अनुराग आर्य

सोमवार को एसएसपी अनुराग आर्य ने थाना कैंट, सुभाषनगर और भमोरा क्षेत्र का दौरा किया। यहां उन्होंने कांवड़ सहायता पुलिस पोस्ट, विश्राम स्थलों और प्रमुख मंदिर परिसरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और किसी भी तरह की चूक न होने देने के निर्देश दिए।

जत्थों का पूरा विवरण हो दर्ज, मिलेगी पहचान की स्लिप

एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जल भरने जा रहे कांवड़ियों के जत्थों का पूरा विवरण एक रजिस्टर में दर्ज किया जाए। साथ ही हर जत्थे को एक पहचान स्लिप दी जाए, जिससे आपात स्थिति में उनसे संपर्क किया जा सके। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में कोई ढील न बरती जाए और कांवड़ मार्गों को पूरी तरह साफ और सुरक्षित रखा जाए।

बुनियादी सुविधाएं हों पूरी, पुलिस रहे अलर्ट

एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ियों के ठहरने वाले स्थलों पर पेयजल, लाइट, प्राथमिक उपचार और शौचालय जैसी सुविधाएं पूरी तरह सुनिश्चित की जाएं। साथ ही मंदिर परिसरों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन, मंदिर समितियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ तालमेल बनाकर पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाए।

अलखनाथ से मढ़ीनाथ तक गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

श्रावण के पहले सोमवार को अलखनाथ मंदिर, मढ़ीनाथ, ट्रेंचिंग ग्राउंड शिव मंदिर समेत शहर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हरिद्वार और कछला से गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। प्रशासन की सख्त निगरानी और बेहतर व्यवस्था के चलते इस बार कहीं से भी अव्यवस्था या अफरा-तफरी की कोई सूचना नहीं मिली।