हर-हर गंगे के जयकारों से गूंजा रामगंगा चौबारी मेला, श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
100वां मेला होने से श्रद्धालुओं का उत्साह अधिक
बरेली, 5 नवंबर । कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार तड़के ही बरेली के रामगंगा चौबारी घाट पर आस्था का सागर दिखा। अंधेरा छंटते ही हजाराें श्रद्धालुओं ने मां गंगा में डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि और मंगलकामना की। पूरा वातावरण ‘हर-हर गंगे’ और ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा।
कार्तिक पूर्णिमा पर सूरज की पहली किरण के साथ ही चौबारी मेला अपनी पूरी रौनक पर आ गया। गंगा के घाट से लेकर सड़क तक श्रद्धालुओं की भीड़ ही भीड़ दिखी। दुकानदारों ने सुबह से ही अपने स्टॉल सजा लिए थे। मेला समिति के सदस्य प्रदीप पांडेय ने बताया कि इस बार मेला पहले से कहीं अधिक भव्य और सुसज्जित है। दुकानों की संख्या भी पिछले सालों से ज्यादा है।
हरदोई से महिलाओं के श्रृंगार का सामान बेचने आए हरीश कुमार ने बताया कि भीड़ उम्मीद से कहीं अधिक है। फरीदपुर से लकड़ी के सजावटी सामान लेकर पहुंचे सलमान ने बताया कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से इस मेले में दुकान लगाता आ रहा है। इस बार 100वां मेला होने के कारण लोगों का उत्साह दोगुना है।
मेले के नखासा में पहुंचे मारवाड़ी नस्ल के घोड़े इस बार खास आकर्षण बने हुए हैं। घोड़ों के मालिक राहुल ने बताया कि ये घोड़े अपनी रफ्तार और खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध हैं। इनकी कीमत ढाई लाख रुपये से शुरू होती है। लोग इनके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए भी लाइन लगाए खड़े दिखे।
कार्तिक पूर्णिमा में सीता रसोई समिति की ओर से चौबारी मेला रोड पर कपड़ा बैंक शिविर लगाया गया। संस्था के प्रधान सेवादार पंकज अग्रवाल ने बताया कि शिविर में ग्रामीणों को निशुल्क कपड़े, रजाई, गद्दे, बर्तन, जूते-चप्पल और खिलौने वितरित किए गए। शिविर का उद्घाटन पर्यावरण एवं वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने किया।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एसपी सिटी मानुष पारीक, सीओ प्रथम आशुतोष शिवम और सीओ द्वितीय सोलानी मिश्रा ने मेले का पहुंचकर निरीक्षण किया।