’रक्षा त्रिवेणी संगम’ से आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी नई गति: योगी आदित्यनाथ
नॉर्थ टेक सिंपोशियम के समापन समाराेह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
प्रयागराज, 06 मई । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “रक्षा त्रिवेणी संगम” के रूप में टेक्नोलॉजी, ज्ञान और इनोवेशन को एक मंच पर लाने का ऐतिहासिक प्रयास है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री याेगी बुधवार को संगम नगरी में आयोजित नॉर्थ टेक सिंपोशियम के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम की तरह यह सिंपोशियम भी “टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री और सैन्य शक्ति” के संगम का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा “वसुधैव कुटुंबकम” की रही है, लेकिन उदारता की रक्षा के लिए शक्ति और सामर्थ्य भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्ध अब केवल जल, थल और वायु तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर, स्पेस और डेटा आधारित मल्टी-डोमेन ऑपरेशन का स्वरूप ले चुका है। ऐसे में तकनीकी आत्मनिर्भरता और रक्षा उत्पादन में स्वदेशी क्षमता बढ़ाना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद कानून-व्यवस्था में सुधार और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के कारण निवेश का माहौल बेहतर हुआ है। इसी का परिणाम है कि राज्य में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर तेजी से विकसित हो रहा है। लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट जैसे नोड्स में हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज भारत रक्षा उत्पादों के आयातक से निर्यातक देश बन रहा है और उत्तर प्रदेश इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य में स्किल्ड मैनपावर, एमएसएमई नेटवर्क और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर डिफेंस सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।
विंग कमांडर का संबोधन
समापन सत्र में विंग कमांडर ने कहा कि नॉर्थ टेक सिंपोशियम ने पिछले दो दिनों में टेक्नोलॉजी, विशेषज्ञता और इनोवेशन का प्रभावी मंच प्रदान किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक सैन्य क्षमता अब टेक्नोलॉजी आधारित तैयारी पर निर्भर है, जो केवल सेना, उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और सरकार के मजबूत समन्वय से ही संभव है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में डिफेंस इंडस्ट्री के लिए तेजी से विकसित हो रहा इकोसिस्टम देश को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। बड़ी संख्या में उद्योगों, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश डिफेंस टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभर रहा है।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
समापन अवसर पर कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता, सैन्य अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स और बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले संस्थानों और प्रतिभागियों की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि रक्षा त्रिवेणी संगम की यह पहल भविष्य में देश की सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई दिशा देगी।