दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी को राहत, हाई कोर्ट ने फैसला बदलते हुए एफआईआर पर लगाई रोक
दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी को राहत, हाई कोर्ट ने फैसला बदलते हुए एफआईआर पर लगाई रोक
लखनऊ, 18 अप्रैल । उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने दोहरी नागरिकता मामले में अपना ही फैसला बदलते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने शनिवार को केस दर्ज करने के आदेश पर रोक लगा दी है। जबकि एक दिन पूर्व शुक्रवार को हाई कोर्ट ने सांसद राहुल गांधी के खिलाफ मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इस दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में कोर्ट ने शनिवार को वेबसाइट पर अपना बदला आदेश जारी करते हुए यह जानकारी दी है।
सूर्य भान पांडे, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भारत के उप सॉलिसिटर जनरल और आनंद द्विवेदी (भारत संघ के अधिवक्ता, उच्च न्यायालय लखनऊ) ने संयुक्त रूप से उक्त मामले में बताया कि हाई कोर्ट की ओर से राहुल गांधी के दोहरी नागरिकता मामले में अपने नए आदेश में कहा गया है कि शुक्रवार 17 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई की गई थी। इसमें याची समेत केंद्र और राज्य सरकार के अधिवक्ताओं से पूछा गया था कि क्या राहुल गांधी को नोटिस जारी करने की जरूरत है? अधिवक्ताओं ने नोटिस जारी करने की कोई जरूरत नहीं बताई थी। इसके बाद एफआईआर दर्ज करने का आदेश पारित किया गया। प्रकरण में आदेश टाइप होने से पहले जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने फिर से फैसले को बारीकी से परखा। उन्होंने मामले में पाया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वर्ष 2014 के एक फैसले में कहा था कि एफआईआर दर्ज करने की मांग वाले प्रार्थना पत्रों के खारिज होने पर पुनरीक्षण याचिका ही पोषणीय है। ऐसे मामलों में प्रस्तावित अभियुक्त को नोटिस भेजना जरूरी है।
इसको देखते हुए मामले में हाई कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी को नोटिस जारी किए बिना फैसला करना उचित नहीं है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख निहित की है। हाई कोर्ट में यह याचिका कर्नाटक निवासी एस. विग्नेश शिशिर ने दायर की थी। उन्होंने राहुल गांधी पर भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं।
वहीं, कोर्ट का फैसला आने के बाद याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का फैसला वापस लेने की शिकायत हम भारत के चीफ जस्टिस से करेंगे।