प्रयागराज में आवारा कुत्तों के लिए लागू हुई सख्त नीति। एक से ज़्यादा बार काटने वाले कुत्तों को आजीवन कारावास की सज़ा

प्रयागराज नगर निगम का बड़ा फैसला

प्रयागराज में आवारा कुत्तों के लिए लागू हुई सख्त नीति।  एक से ज़्यादा बार काटने वाले कुत्तों को आजीवन कारावास की सज़ा

प्रयागराज: नगर निगम, प्रयागराज ने आक्रामक व्यवहार करने वाले कुत्तों के प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण और कड़े आदेश जारी किए हैं। यह आदेश, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 10 सितंबर, 2023 को जारी किए गए नए निर्देशों के अनुपालन में है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और आवारा कुत्तों से जुड़े जोखिमों को कम करना है। अब, एक से ज़्यादा बार काटने वाले या आक्रामक व्यवहार प्रदर्शित करने वाले कुत्तों को विशेष निगरानी और प्रबंधन के दायरे में लाया जाएगा।

आक्रामक कुत्तों का प्रबंधन: एक विस्तृत प्रक्रिया

इस नई नीति के तहत, किसी भी आक्रामक कुत्ते को, जो किसी व्यक्ति को काटता है या ऐसा व्यवहार प्रदर्शित करता है जिसे आक्रामक माना जा सकता है, तत्काल प्रभाव से पशु जन्म नियंत्रण (Animal Birth Control - ABC) केंद्र ले जाया जाएगा। यहाँ, कुत्ते को दस दिनों की अनिवार्य निगरानी अवधि में रखा जाएगा। इस अवधि के दौरान, डॉ. विजय अमृतराज (पशु चिकित्सा एवं पशु कल्याण अधिकारी, प्रयागराज नगर निगम - PMC) के नेतृत्व में एक अनुभवी टीम, जिसमें प्रशांत (पैरा वेट, नगर निगम शेल्टर हाउस) जैसे पेशेवर शामिल होंगे, कुत्ते के व्यवहार का बारीकी से अवलोकन करेगी।

उनकी प्राथमिकताओं में से एक यह जाँच करना होगी कि क्या कुत्ता नसबंदी (Sterilization) से गुजर चुका है। यदि कुत्ता नसबंदी नहीं की गई है, तो दस दिनों की अवधि के भीतर उसकी नसबंदी की जाएगी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रत्येक नसबंदी किए गए कुत्ते को प्रभावी ढंग से ट्रैक किया जा सके, उसके स्थान, लिंग, रंग और अन्य विशिष्ट विवरणों को रिकॉर्ड किया जाएगा और उसे एक माइक्रोचिप (Microchip) लगाई जाएगी। यह माइक्रोचिप भविष्य में कुत्ते की पहचान और उसके इतिहास को जानने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

आजीवन निगरानी और विशिष्ट गोद लेने की अनुमति

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि निगरानी अवधि के दौरान कुत्ता लगातार आक्रामक व्यवहार प्रदर्शित करता है, भले ही उसकी नसबंदी कर दी गई हो, तो उसे आजीवन निगरानी (Lifetime Surveillance/Confinement) में रखने का आदेश पारित किया जाएगा। यह निर्णय भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोहराए जाने से रोकने के उद्देश्य से लिया गया है, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

हालाँकि, नीति में विशेष परिस्थितियों में ऐसे "आक्रामक" माने गए कुत्तों को गोद लेने (Adoption) की भी अनुमति दी गई है। यह एक अत्यंत नियंत्रित प्रक्रिया होगी, जिसके तहत इच्छुक गोद लेने वाले को एक हलफनामा (Affidavit) प्रस्तुत करना होगा। इस हलफनामे में, गोद लेने वाले को यह स्पष्ट रूप से लिखित रूप में सुनिश्चित करना होगा कि वे कुत्ते को जीवन भर घर के अंदर ही रखेंगे (Confined indoors)। यह शर्त अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कुत्ता किसी भी परिस्थिति में बाहर निकलकर किसी को नुकसान न पहुंचा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

वर्तमान स्थिति: शेल्टर हाउस में 185 कुत्ते

वर्तमान में, प्रयागराज नगर निगम के शेल्टर हाउस में 185 कुत्ते हैं। इनमें से, पांच कुत्तों को उनके आक्रामक व्यवहार या विशिष्ट स्वास्थ्य स्थितियों के कारण अलग रखा गया है। बाकी कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी पूरी हो चुकी है, और वे फिलहाल छोड़े जाने (Release) की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह नई नीति उन कुत्तों के प्रबंधन के लिए एक मजबूत ढांचा प्रदान करती है जो पहले से ही चिंता का विषय रहे हैं।

यह आदेश प्रयागराज नगर निगम द्वारा एक जिम्मेदार और सुरक्षा-उन्मुख दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो न केवल आवारा कुत्तों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करता है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।